11 गतिविधियों के लिए बहु उद्देशीय केंद्रों का निर्माण किया जाएगा
आज की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है जिसके तहत प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में 11 गतिविधियों के लिए बहु उद्देशीय केंद्रों का निर्माण किया जाएगा। इन केंद्रों की कुल लागत ₹75 करोड़ प्रति केंद्र है। जिसमें शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता भारत सरकार देगी।इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
1- कैबिनेट ने 194 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना एवं संचालन के लिए स्वीकृति दी।
2- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से मंजरे-टोला को जोड़ने और प्रधानमंत्री आवास योजना की तरह बैगा, भारिया और सहरिया जनजाति के लोगों को आवास उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी।
3- नवीन आंगनवाड़ी खोलने के लिए दी गई स्वीकृति।
4- आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में भारत सरकार से वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होने बाद किये जायेंगे।
5- 194 आंगनवाड़ी केन्द्रों के संचालन के लिए वर्ष 2023-24 में राशि 1.43 करोड़ रुपए केंद्रांश एवं 3.93 करोड़ रुपए राज्यांश कुल प्रतिवर्ष 5.36 करोड़ एवं वित्तीय वर्ष 2024- 25, 2025-26 में प्रतिवर्ष क्रमशः 1.32 करोड़ रुपए केंद्रांश एवं राशि रुपये 3.85 करोड़ राज्यांश कुल राशि प्रतिवर्ष 5.17 करोड़ व्यय भार इस प्रकार कुल राशि रूपये 15.70 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई।
6- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से मंजरे-टोला को जोड़ने और प्रधानमंत्री आवास योजना की तरह बैगा, भारिया और सहरिया जनजाति के लोगों को आवास उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी।
7- औद्योगिक क्षेत्र बाबई मुहासा में नवकरणीय ऊर्जा के उपकरण बनाने के लिए लगने वाले उद्योगों के लिए संरचना विकास के काम करने पर 230 करोड़ रुपए की स्वीकृति।
8- आगर मालवा में विधि महाविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी।
9- प्रदेश में स्थापित होने वाले सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय के लिए पदोन्नति वाले पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने की अनुमति।
Comments (0)