केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा बूस्टर डोस को लेकर अपनी गाइडलाइन में परिवर्तन कर लिया है। जिसके तहत अब कोविड वैक्सीन के दूसरा डोज़ लगवाने के 9 माह बाद के स्थान पर अब 6 माह बाद ही बूस्टर डोस लगाए जा सकेंगे। जिसको लेकर इंदौर में भी व्यापक स्तर पर कवायद की जा रही है।
18 वर्ष से अधिक के सभी लोगों को बूस्टर डोज लगाना अनिवार्य था
दरअसल, कोरोना से बचाव को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा वैक्सीन पिछले साल से लगाना शुरु की गई है। जिसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेश के बाद बूस्टर डोज भी लगाना शुरू किया गया था। जिसके तहत दूसरा डोस लग जाने के 9 माह बाद 18 वर्ष से अधिक के सभी लोगों को बूस्टर डोज लगाना अनिवार्य था।
9 माह के स्थान पर अब 6 माह का समय अवधि तय की गई
वहीं अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी गाइडलाइन में परिवर्तन करते हुए बूस्टर डोज़ के लिए 9 माह के स्थान पर अब 6 माह का समय अवधि तय की गई है। जिसके तहत उन सभी लोगों को बूस्टर डोज लगाना अनिवार्य है। जिन्होंने अपना दूसरा डोज़ 6 माह पूर्व लगवाया है।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आमजन से अपील की
वहीं बूस्टर डोस को लेकर इंदौर के स्वास्थ्य विभाग में भी व्यापक स्तर पर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि, वह भी अपने नजदीकी सेंटर पर जाकर बूस्टर डोज़ अवश्य लगाएं। जहां यह पूर्ण तरीके से निशुल्क लगाए जा रहे हैं। वहीं निजी अस्पतालों में भी नाम मात्र शुल्क के साथ यह तो उपलब्ध है।
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