महाकाल लोक के निर्माण के बाद सावन माह में भगवान महाकाल की पहली सवारी 10 जुलाई को निकलेगी। नाग पंचमी का पर्व भी सोमवार 26 मई को आ रहा है। जिसे लेकर अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार दूसरे चरण का विस्तारीकरण काम चलने की वजह से श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसे लेकर व्यापक पैमाने पर रणनीति बनाई गई है। गौरतलब है कि 4 जुलाई से सावन का महीना प्रारंभ हो रहा है, जो कि 11 सितंबर तक चलेगा। इस बीच भगवान महाकाल की सवारी निकाली जाएगी। हर सोमवार को निकलने वाली सवारी को लेकर इस बार बड़ी तैयारियां की जा रही है। महाकाल लोक निर्माण के बाद से मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में 10 गुना की बढ़ोतरी हुई है।
10 सवारियां निकाली जायेंगी
महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक संदीप सोनी ने बताया गया कि इस बार ज्यादा दिन होने के कारण भगवान महाकालेश्वर की 10 सवारियां निकाली जायेंगी। आने वाली 10 जुलाई को श्रावण मास की पहली सवारी निकाली जायेगी। आगामी 21 अगस्त सोमवार को नागपंचमी पर्व भी रहेगा और सवारी भी निकाली जायेगी और 11 सितम्बर को शाही सवारी निकाली जायेगी।
पट खुलने का समय
श्रावण- भादौ मास में भगवान महाकालेश्वर की भस्म आरती 4 जुलाई 2023 से 11 सितम्बर 2023 तक होगी। जबकि पट खुलने का समय सुबह 3 बजे होगा और प्रत्येक सोमवार प्रात: 2.30 बजे होगा। भस्म आरती के दौरान कार्तिकेय मण्डपम् की अंतिम 3 पंक्तियों से श्रद्धालुओं के लिये चलित भस्म आरती दर्शन की व्यवस्था की जायेगी जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग दर्शन कर सकें।
8 से 10 बड़ी स्क्रीन लगेगी
कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने बताया कि नागपंचमी पर्व पर मंदिर में ही कंट्रोलरूम बनाया जायेगा। श्रद्धालुओं के लिए टेंट व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था और बैरिकेटिंग व्यवस्था किये जाने के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए है। कलेक्टर ने कहा कि श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं चाकचौबंद की जायेगी। पूरे महाकाल लोक में 8 से 10 बड़ी स्क्रीन लगाई जाएगी।
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