महाशिवरात्रि को देखते हुए उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्री महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य शिखर की धुलाई, मंदिर के रंग-रोगन ,कोटितीर्थ कुंड की सफाई, गर्भगृह व अन्य परिसर आदि की सफाई की जा रही है। श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिवनवरात्रि महापर्व 17 फरवरी से 26 फरवरी तक नौ दिनों तक मनाया जाएगा।
कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि पिछली बार महाशिवरात्रि के अवसर पर 6 लाख श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे थे, इस बार भी इतने ही श्रद्धालु आने की उम्मीद लगाई जा रही है। महाशिवरात्रि के लिए श्री महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में रुद्रयंत्र व रजत दीवारों की सफाई का कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा। महाशिवरात्रि पर ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर के दर्शन, पूजन के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकाल मंदिर आएंगे।
पचरंगी पगड़ी में सजे बाबा महाकाल
बुधवार को कालों के काल बाबा महाकाल भस्म आरती के दौरान पचरंगी पगड़ी से श्रृंगारित हुए। श्री महाकालेश्वर मंदिर में सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर आकर्षक स्वरूप में श्रृंगार किया गया। इस दौरान बाबा महाकाल को रुद्राक्ष की माला अर्पित की गई। श्रृंगार के बाद उन्हें भस्म रमाई गई, जिसके बाद भक्तों ने दिव्य दर्शनों का लाभ लिया।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी ने बताया कि पौष माह माघ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर बुधवार को बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकरमंदिर के पट खोले गए। जिसके बाद सबसे पहले भगवान को गर्म जल से स्नान करवाकर दूध, दही, शहद, शक्कर, घी आदि पंचामृत से स्नान कराया गया और प्रथम घंटाल बजाकर "हरि ओम" का जल अर्पित किया गया।
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