संतोष शर्मा
मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव हो रहे हैं। प्रदेश की कई पंचायतों में निर्विरोध चुनाव हुए हैं। वहीं कई ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों की नाराजगी देखने को मिल रही है। कहीं मामला विकास को लेकर है तो कहीं नाराजगी की वजह पुलिस की कार्रवाई है। हालात ये हैं कि कई जगहों पर ग्रामीणों ने चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है। कुछ इसी तरह की नाराजगी बालाघाट जिले में ग्राम पंचायत बोलेगांव से सिरेगांव में सामने आई है। यहां पर ग्रामीणों ने चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की है। यहां पर बहिष्कार की वजह मनी डबल मामले में पुलिस की कार्रवाई को माना जा रहा है।
नामांकन तक नहीं हुआ जमा
पुलिस ने पिछले दिनों मनी डबल मामले में कार्रवाई की थी। जिसमें 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपी जेल में हैं और उनकी जमानत तक नहीं हो पा रही है। जिससे ग्रामीण खासे नाराज बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि ग्रामीणों ने चुनाव से पूरी तरह किनारा करने की घोषणा की है। यही नहीं पंचायतों में सरपंच-उपसरपंच और पंच पद के लिए किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन जमा नहीं किया है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि 3 अन्य ग्राम पंचायतों में नाम वापसी की चर्चाएं चल रही हैं।
नाली नहीं तो वोट नहीं
बालाघाट ही नहीं धार जिले की भी ग्राम पंचायत ढोलाना में ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का एलान किया है। यहां ग्रामीण विकास नहीं होने से नाराज हैं। ग्रामीणों की माने तो पिछले कई सालों से नाली की समस्या जस की तस बनी हुई है। यही वजह है कि ग्रामीणों ने विकास नहीं तो वोट नहीं देने का निर्णय लिया है।
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