मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अब सायबर ठग के शिकार पीड़ित को तुरंत मदद मिलेगी। 1 दिसंबर से भोपाल के हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क खुलेगा। भोपाल प्रदेश का पहला जिला होगा, जहां साइबर ठगी के शिकार हुए लोगों भटकना नहीं पड़ेगा।अब वे साइबर हेल्प डेस्क में पांच लाख रुपए तक के फ्रॉड की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
साइबर डेस्क खोलने के निर्देश दिए
लगातार सामने आ रहे साइबर ठगी के मामले के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हर थाने में साइबर डेस्क खोलने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद राजधानी के हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क खोलने का निर्णय लिया गया है। जानकारी के अनुसार, शहर के 35 थानों में हेल्प डेस्क के लिए 10-10 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। जिसमें एक-एक हफ्ते तक हर थाने से चुनिंदा दस-दस कर्मचारियों को साइबर अपराधों को दर्ज करने, इनकी जांच कैसे करनी है, और विवेचना सहित बारीकियों को समझाने ट्रेनिंग दी भी जाएगी।
आवदेन देना पड़ता है
बतादें कि, अभी पीड़ितों को साइबर धोखाधड़ी की शिकायत के लिए साइबर शाखा जाकर आवदेन देना पड़ता है, वहीं भोपाल में एक ही साइबर थाना है जो बाकि के थानों से काफी दूर है। जिससे पीड़ितों को शिकायत लेकर साइबर थाने जाने में काफी समय लगता था।
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