रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज चौथा दिन कई महत्वपूर्ण विधेयकों और जनहित के मुद्दों के साथ शुरू होगा। सदन में प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े सवालों पर चर्चा होगी, वहीं सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने और नए संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इसके अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), प्लास्टिक पर प्रतिबंध और खेल विश्वविद्यालय की स्थापना जैसे विषय भी आज सदन में प्रमुखता से उठाए जाएंगे।
प्रश्नकाल में इन मंत्रियों से पूछे जाएंगे सवाल
विधानसभा की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी। इस दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल, रामविचार नेताम और ओपी चौधरी विभिन्न विभागों से जुड़े सवालों के जवाब देंगे। विपक्ष और सत्ता पक्ष के विधायक जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और दयालदास बघेल विभिन्न विभागों के दस्तावेज और प्रतिवेदन सदन के पटल पर रखेंगे।
ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक पर होगी अहम चर्चा
आज सदन में छत्तीसगढ़ ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक को पारित किए जाने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य राज्य में निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाना और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। इसके अलावा उद्योग मंत्री औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) अधिनियम भी सदन में पेश करेंगे, जिससे निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने का प्रयास किया जाएगा।
63 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और 8 याचिकाएं होंगी पेश
आज की कार्यवाही के दौरान कुल 63 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव सदन में लाए जाएंगे। इन प्रस्तावों के माध्यम से विधायक विभिन्न विभागों और जनहित से जुड़े मामलों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे।इसके साथ ही आठ विधायक अपनी याचिकाएं भी विधानसभा में प्रस्तुत करेंगे, जिन पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
PDS व्यवस्था को लेकर सरकार से होंगे सवाल
आज सदन में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) भी चर्चा का प्रमुख विषय रहेगी। विधायक सुशांत शुक्ला राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार से जवाब मांगेंगे। इस विषय पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल सरकार की ओर से विस्तृत जवाब देंगे और विभाग की योजनाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी सदन के सामने रखेंगे।
अग्निशमन सेवा संशोधन विधेयक भी होगा पारित
गृहमंत्री विजय शर्मा छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा (संशोधन) विधेयक को सदन में पारित कराने का प्रस्ताव रखेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने से जुड़े प्रावधानों में संशोधन करना है।
प्लास्टिक बैन और खेल विश्वविद्यालय पर आएंगे अशासकीय संकल्प
आज सदन में दो महत्वपूर्ण अशासकीय संकल्प भी पेश किए जाएंगे। वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर राज्य में बढ़ते सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग करेंगे।
वहीं विधायक सुशांत शुक्ला छत्तीसगढ़ में एक समर्पित खेल विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव सदन में रखेंगे। उनका कहना है कि इससे राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, खेल शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
सरकार और विपक्ष के बीच हो सकती है तीखी बहस
आज की विधानसभा कार्यवाही में जनहित, उद्योग, निवेश, खाद्य वितरण, पर्यावरण संरक्षण और खेल विकास जैसे कई अहम मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। विभिन्न विधेयकों और प्रस्तावों पर चर्चा के बाद सदन में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।राजनीतिक दृष्टि से भी मानसून सत्र का चौथा दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सरकार जहां विकास और निवेश से जुड़े अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगी, वहीं विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति अपनाएगा।