छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र से एक दिन पहले रविवार को कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक रायपुर में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के निवास पर आयोजित हुई। करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, टीएस सिंहदेव, रविंद्र चौबे समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक शामिल हुए।
बैठक में आगामी मानसून सत्र के दौरान विभिन्न जनहित के मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की गई। बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने बताया कि कांग्रेस 14 जुलाई को विधानसभा में राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी।
मानसून सत्र में सरकार को घेरने को लेकर बनी रणनीति
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस को वर्तमान भाजपा सरकार पर विश्वास नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जनता से किए गए कई वादे पूरे नहीं किए और विभिन्न क्षेत्रों में भ्रष्टाचार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि बिजली, महंगाई, नकटी गांव प्रकरण सहित कई जनहित के मुद्दों को लेकर विपक्ष विधानसभा में सरकार को घेरने का काम करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पांच दिन का सत्र पर्याप्त नहीं है, लेकिन विपक्ष अपनी जिम्मेदारी पूरी मजबूती से निभाएगा।
नकटी गांव मामले पर लाएगी स्थगन प्रस्ताव
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नकटी गांव बेदखली मामले को लेकर कांग्रेस विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाएगी। इस मुद्दे को सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों पर सड़क से लेकर सदन तक लगातार संघर्ष करती रहेगी।
13 जुलाई से शुरू होगा विधानसभा का मानसून सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से 17 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सदन की कुल पांच बैठकें होंगी, जिनमें वित्तीय कार्यों के साथ-साथ विभिन्न शासकीय और जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।