रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक कामकाज को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में ई-ऑफिस सिस्टम तेजी से सुशासन की नई पहचान बनता जा रहा है। राज्य सरकार की पहल से अब सरकारी कार्यालयों में फाइलों का संचालन ऑनलाइन माध्यम से किया जा रहा है, जिससे कार्यों की गति बढ़ने के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही भी मजबूत हुई है।
87 हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े
प्रदेश में ई-ऑफिस सिस्टम के तहत अब तक 87 हजार से अधिक अधिकारी और कर्मचारी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। इसके माध्यम से विभागीय कामकाज को पेपरलेस बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
5.46 लाख से अधिक फाइलों का ऑनलाइन संचालन
ई-ऑफिस सिस्टम लागू होने के बाद अब तक 5.46 लाख से ज्यादा फाइलों का ऑनलाइन संचालन किया जा चुका है। इससे फाइलों के निपटारे में तेजी आई है और विभागों के बीच समन्वय भी बेहतर हुआ है।
फाइल ट्रैकिंग से बढ़ी पारदर्शिता और जवाबदेही
नई व्यवस्था में फाइल ट्रैकिंग सिस्टम की सुविधा मिलने से अधिकारी और कर्मचारी किसी भी फाइल की स्थिति ऑनलाइन देख पा रहे हैं। इससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और लंबित मामलों की मॉनिटरिंग भी आसान हुई है।
सक्ती जिला बना प्रदेश में नंबर वन
सक्ती जिला ई-ऑफिस संचालन में पूरे प्रदेश में अव्वल रहा है। डिजिटल कार्यप्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने और समयबद्ध फाइल निपटान के कारण सक्ती जिले को राज्य में बेहतर प्रदर्शन करने वाला जिला माना जा रहा है।
सुशासन की दिशा में बड़ा कदम
राज्य सरकार का मानना है कि ई-ऑफिस सिस्टम के जरिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, तेज और पारदर्शी बनाया जा रहा है। इससे आम लोगों को भी सरकारी सेवाओं का लाभ तेजी से मिल सकेगा।