मोहन सरकार ने अपने पहले अंतरिम बजट (लेखानुदान) में सबको साधने का प्रयास किया। किसी भी विभाग की योजना को बंद नहीं किया गया। सभी को अप्रैल से जुलाई 2024 तक व्यय के लिए राशि आवंटित की गई है। नई योजना तो इसमें कोई सम्मिलित नहीं की गई पर यह अवश्य साफ कर दिया कि सरकार की प्राथमिकता में महिला, किसान, अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा वर्ग के साथ शहर और गांवों का विकास करना है। अधोसंरचना विकास को गति वैसी जारी रखी जाएगी, जैसी डबल इंजन की सरकार में चल रही है। सरकार लगातार पूंजीगत व्यय में वृद्धि कर रही है जो अंतरिम बजट में भी साफ दिखाई देती है। कर्मचारियों के हित का भी ध्यान गया है।
मोहन सरकार ने अपने पहले अंतरिम बजट (लेखानुदान) में सबको साधने का प्रयास किया। किसी भी विभाग की योजना को बंद नहीं किया गया।