संतोष शर्मा
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के एक विभाग के मंत्रालय से इस्तीफे के बाद छत्तीसगढ़ का सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। सीएम भूपेश कैबिनेट में खलबली मची है। मंत्री टीएस सिंह देव ने अपने त्यागपत्र में कई ऐसी बातों का उल्लेख किया है जिसके बाद माहौल और गरमा गया है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में इसे अनुशासनहीनता करार दिया है। वहीं टीएस के इस्तीफे से विपक्ष को सरकार सरकार की घेराबंदी के लिए संजीवनी मिल गई है। विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है और सीएम भूपेश बघेल का इस्तीफा मांग रहा है।
TS का दर्द, बढ़ी सरकार की धड़कन-
मंत्री टीएस सिंहदेव के पास स्वास्थ्य विभाग के अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भी था,लेकिन सिंहदेव ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को छोड़ दिया। सिंहदेव के अचानक लिए गए इस फैसले से भूपेश सरकार की धड़कनें एक बार फिर तेज हो गई हैं। मंत्री सिंहदेव ने अपने त्यागपत्र में अपना दर्द भी बयां किया है। उन्होंने कहा कि वे अपने मन मुताबिक काम नहीं कर पा रहे थे। वहीं घोषणापत्र के हिसाब से भी काम नहीं हो रहे थे, इसलिए उन्होंने इस इस विभाग को छोड़ रहे हैं…सिंहदेव का ये दर्द कहीं ना कहीं भूपेश सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।
सिंहदेव की अनुशासनहीनता-
कांग्रेस की भूपेश सरकार अपने कार्यकाल के साढ़े तीन साल पूरे करने जा रही है। इस अवधि में कई सियासी उठापटक भी हुईं। पहले ढाई-ढाई साल के मामले को लेकर टीएस की टीस सामने आई थी और हालात ऐसे बन गए थे कि सीएम, टीएस की लगातार दिल्ली की दौड़ हुई। ये मामला भले ही शांत हो गया था,लेकिन टीस बरकरार थी। यही वजह है कि एक बार टीएस ने छत्तीसगढ़ का सियासी पारा चढ़ा दिया है। सरकार में खलबली ऐसी मची है कि कांग्रेस विधायक सिंहदेव जैसे वरिष्ठ मंत्री को अनुशासनहीन करार दे रहे हैं।हालांकि सिंहदेव इसे तवज्जो देते नहीं लग रहे हैं। जिन विधायकों ने अनुशासनहीनता बताया उनको सिंहदेव ने अनुभवी और स्वतंत्र करार दे दिया।
इस्तीफे पहले हुई थी पुनिया से बात-
इस्तीफे के बाद मंत्री टीएस सिंह देव का बयान भी सामने आया है। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा कि इस्तीफा देने से पहले उन्होंने प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया से अपनी परेशानियों को लेकर बातचीत की थी। यही नहीं सीएम से भी उन्होंने बात की थी, लेकिन कोई निराकरण नहीं हुआ। सिंहदेव ने कहा कि इस्तीफे के बाद उन्होंने बातचीत करने की कोशिश की थी, लेकिन ना तो प्रभारी से बात हुई ना सीएम से उन्होंने ये भी कहा कि उनके पास किसी का फोन नहीं आया।
TS का इस्तीफा,विपक्ष को मौका
जब सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री का अपनी सरकार के प्रति ये रूख हो तो ऐसे में विपक्ष कैसे पीछे रह सकता है। सिंहदेव के इस्तीफे ने सरकार को घेरने के लिए विपक्ष को बैठे-बिठाए एक मौका दे दिया है। विपक्ष सरकार पर लगातार हमले कर रहा है। इस मुद्दे पर विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक का बयान सामने आया,जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार पर उसके मंत्रियों का का भरोसा नहीं है, इसलिए ऐसे हालात बन रहे हैं।
ये भी पढे- किस बात का जश्न बीजेपी मना रही है, हमने 3 सीटें छीनी है- कमलनाथ
भाजपा ने मांगा भूपेश का इस्तीफा-
छत्तीसगढ़ में सियासी भूचाल का आलम ये है कि भाजपा टीएस मामले के बाद अब सीएम भूपेश बघेल से इस्तीफा मांग रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में संवैधानिक संकट खड़ा हो गया है। सीएम भूपेश बघेल को अपने पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। कांग्रेस सरकार हर मामले में फेल है। 36 वादों में से अबतक एक भी वादा पूरा नहीं हुआ। तीन साल में 80 लाख लोग पीएम आवास योजना से वंचित हुए हैं। यह सरकार एक झूठी सरकार है इस बात को उन्ही के मंत्री प्रमाणित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं विपक्ष के तरफ से मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करता हूँ।
Comments (0)