धार जिले के कुक्षी क्षेत्र में उस समय हालात बेकाबू हो गए, जब प्रस्तावित चूना पत्थर खदान के सर्वे के लिए पहुंची प्रशासनिक टीम और भारी पुलिस बल पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। लाठी-डंडों और पारंपरिक हथियारों से लैस भीड़ ने अधिकारियों का रास्ता रोका और जमकर पथराव किया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि 9 थानों की पुलिस की मौजूदगी के बावजूद प्रशासन को सर्वे बीच में ही छोड़कर लौटना पड़ा। कई सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है
खदान सर्वे पर बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, ग्राम टकारी में खनिज और राजस्व विभाग की टीम ड्रिलिंग मशीनों के साथ सर्वे के लिए पहुंची थी। विरोध की आशंका के चलते पहले से पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन ग्रामीणों का आक्रोश सुरक्षा इंतजामों पर भारी पड़ गया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पथराव शुरू कर दिया।
तहसीलदार की गाड़ी को घेरा, पलटाने की कोशिश
जब अधिकारी खेतों में ड्रिलिंग की तैयारी कर रहे थे, तभी बड़ी संख्या में महिला-पुरुष वहां पहुंच गए। पहले सड़क जाम किया गया, फिर भीड़ उग्र हो गई। तहसीलदार की गाड़ी को चारों ओर से घेरकर पलटाने की कोशिश की गई। उस समय तहसीलदार वाहन के अंदर मौजूद थे। पथराव में पुलिस और प्रशासन के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हालात बिगड़ते देख टीम को मौके से लौटना पड़ा।
क्यों नाराज़ हैं ग्रामीण?
ग्रामीणों का विरोध प्रस्तावित चूना पत्थर खदान और उससे जुड़ी सीमेंट फैक्ट्री को लेकर है। उनका कहना है कि
खनन से उपजाऊ कृषि भूमि को नुकसान पहुंचेगा।
फैक्ट्री से प्रदूषण बढ़ेगा और गांवों के विस्थापन का खतरा होगा।
यह विरोध कुक्षी, बाग और जोबट क्षेत्र के कई गांवों में फैल चुका है।
राजस्थान की कंपनी को मिली लीज
खनिज विभाग के अनुसार, राजस्थान की Shree Cement को मार्च 2025 से बामनबयड़ी, टकारी, तलावड़ी और घोड़ा गांवों की सैकड़ों हेक्टेयर भूमि पर तीन साल के लिए चूना पत्थर खनन की लीज दी गई है। ग्रामीण इस लीज को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
लगातार पथराव और उग्र स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल सर्वे रोक दिया है। पूरे कुक्षी क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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