संतोष शर्मा
- छत्तीसगढ़ में केन्द्रीय मंत्री लगातार कर रहे दौरे
- आकांक्षी जिलों में विकास कार्यों की कर रहे समीक्षा
- राजनीतिक गतिविधियों को तेज करने आ रहे केन्द्रीय मंत्री- कांग्रेस
- केंद्रीय मंत्रियों के दौरे से घबराई सरकार- भाजपा
छत्तीसगढ़ में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। सत्ताधारी कांग्रेस फिर से सत्ता पर काबिज होने और विपक्ष सत्ता में वापसी की तैयारियों में लगे हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ में केन्द्रीय मंत्रियों के दौरों की सियासत भी चल रही है। बीते 3 महीने में दर्जनभर से ज्यादा केंद्रीय मंत्री प्रदेश के कई जिलों का दौरा कर चुके हैं।
केन्द्रीय मंत्री अपने दौरे के दौरान आकांक्षी जिलों पर विशेष फोकस कर अपने विभागों के विकास कार्यों की समीक्षा कर रहें हैं। वहीं केंद्रीय मंत्रियों के दौरे को लेकर सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
2018 में हुआ “आकांक्षी जिला कार्यक्रम-
दरअसल केंद्र सरकार ने जनवरी 2018 में देश के 115 अति पिछड़े जिलों के विकास के उद्देश्य से महत्वाकांक्षी आकांक्षी जिला कार्यक्रम की शुरुआत की थी। कार्यक्रम को शुरू हुए चार साल हो चुके हैं और इन चार सालों में सभी जिलों ने कितनी प्रगति की है। इसकी समीक्षा की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में 10 आकांक्षी जिले हैं। जिनमें बस्तर संभाग के कांकेर, बस्तर, कोंडागांव, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा समेत सातों जिले शामिल हैं। इसके अलावा महासमुंद, राजनांदगांव और कोरबा जिले भी शामिल हैं।
इन केन्द्रीय मंत्रियों के हो चुके दौरे
जिलों की समीक्षा के लिए केन्द्रीय मंत्रियों का दौरा जारी है। वर्तमान में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह कोरबा जिले के दौरे पर हैं। इससे पहले केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अर्जुन राम मेघवाल, नित्यानंद राय, देव सिंह चौहान, भानुप्रताप सिंह, अश्वनी कुमार चौबे, रामेश्वर तेली, महेंद्र नाथ पांडेय और रेणुका सिंह अलग-अलग जिलों के दौरे कर चुके हैं। इनके अलावा हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी और किरण रिजिजू भी राजधानी रायपुर समेत विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए थे।
छग मॉडल को देखने आ रहे मंत्री-
वहीं इन दौरों को लेकर सियासत भी तेज है। कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्रियों के दौरे को महज राजनीतिक गतिविधियों में गति लाने की कोशिश बताया है। राज्य के सीएम भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि गुजरात मॉडल पूरे देश में फेल हो चुका है। छत्तीसगढ़ मॉडल किस तरह से काम कर रहा हैं, मंत्री उसे देखने आ रहें हैं और प्रशंसा करके जा रहे हैं.. जबकि कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि केंद्रीय मंत्री छत्तीसगढ़ में प्रदेश के विकास के लिए नहीं बल्कि भाजपा की राजनीतिक गतिविधियों को तेज करने आ रहे हैं।
घबराई हुई है सरकार-
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार से जिन योजनाओं के लिए राज्य को पैसा भेजा जा रहा हैं, हम उसकी समीक्षा कर रहे हैं। जबकि विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक का कहना है कि केंद्रीय मंत्रियों के दौरे से सरकार घबराई हुई है। क्योंकि केंद्रीय मंत्री छत्तीसगढ़ में खासकर आकांक्षी जिलों में अपने विभागों के विकास कार्यों की समीक्षा कर रहें है।
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दौरे से बेहतर होंगे हालात…?
केन्द्रीय मंत्रियों का दौरा लगातार चल रहा है। साथ ही सियासी बयानबाजी भी जोरों पर हैं,लेकिन इन सबके बीच देखने वाली बात ये होगी कि केन्द्रीय योजनाओं में छत्तीसगढ़ की क्या स्थिति है। राज्य में लोगों तक योजनाओं का लाभ पहंच पा रहा है या फिर सरकारें सिर्फ हवाई वाहवाही लूट रही हैं..बड़ा सवाल ये भी है कि क्या केन्द्रीय मंत्रियों के दौरे से हालात और बेहतर होंगे या फिर ये दौरे महज सियासी ही साबित होंगे।
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