मध्यप्रदेश सरकार ने कोरोना के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल तथा लॉकडाउन उल्लंघन से संबंधित दर्ज सभी साधारण आपराधिक प्रकरणों को वापस लेने का आदेश जारी किया है। इस संबंध में सभी जिलों के कलेक्टरों को भी निर्देश जारी कर दिये गये हैं। अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा ने जानकारी देते हुए कहा कि, केन्द्र सरकार एवं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार राज्य शासन ने सम्यक विचारोपरांत व्यापक लोक हित में कोविड-19 प्रोटोकॉल/लॉकडाउन उल्लंघन के साधारण आपराधिक प्रकारणों को वापस लेने का निर्णय लिया है।
राजेश राजौरा ने कहा
अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा ने बताया है कि केन्द्र सरकार एवं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार राज्य शासन ने सम्यक विचारोपरांत व्यापक लोक हित में कोविड-19 प्रोटोकॉल/लॉकडाउन उल्लंघन के साधारण आपराधिक प्रकारणों को वापस लेने का निर्णय लिया है। इसमें आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, महामारी अधिनियम 1897 एवं भारतीय दण्ड धारा 188, 269, 270 तथा 271 में आमजन के विरूद्ध दर्ज समस्त ऐसे आपराधिक प्रकारणों एवं ऐसे प्रकरण से संबद्ध भा.द.वि. के अन्य अपराध, जिनमें अधिकतम 2 वर्ष के कारावास (जुर्मानें सहित/रहित) का प्रावधान शामिल है। डॉ. राजौरा ने कलेक्टर्स को भा.द.वि. धारा 321 में विहित प्रक्रिया अनुसार जिलों में कोविड-19 के दौरान पंजीबद्ध प्रकरणों को वापस लेने के कार्यवाही के निर्देश दिये हैं।
केस वापस लेने का आदेश जारी किया था
वहीं इस फैसले के बाद बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही शिवराज सरकार ने कोरोना काल में कोविड-गाइडलाइंस का उल्लंघन करने वाले सारे केस वापस लेने का आदेश जारी किया था। इस मामले को लेकर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि, सीएम शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद अब लॉकडाउन के समय के सभी केस वापस लिए जाएंगे।
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