मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी के इकलौते विधायक राजेश शुक्ला, भिंड से बसपा विधायक संजीव सिंह कुशवाह और आगर मालवा की सुसनेर सीट से निर्दिलीय विधायक विक्रम सिंह राणा ने बीजेपी ज्वाइन कर ली है। बीजेपी के प्रमुख प्रदेश मुख्यालय में तीनों ने पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने बीजेपी की सदस्यता ली। मध्य प्रदेश में ये हलचल 18 जुलाई को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के मतदान के मद्देनजर हो रही है। इस चुनाव की अधिसूचना बुधवार को जारी हो रही है। दरअसल, राष्टपति चुनाव में लोकसभी सांसद, राज्यसभा सांसद और राज्यों की विधानसभा के विधायक हिस्सा लेते हैं।
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तीनों विधायक साथी सदैव अपने क्षेत्र के विकास को लेकर सक्रिय रहे हैं
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, आज भाजपा परिवार के साथ जुड़ने वाले तीनों विधायक साथी सदैव अपने क्षेत्र के विकास को लेकर सक्रिय रहे हैं। मेरा यही प्रयास रहता है कि प्रदेश का ज्यादातर विकास कैसे हो और जनता की भलाई के काम किए जाएं। हम सब मिलकर प्रदेश को आगे बढ़ाएंगे।
बीजेपी में शामिल होने की चर्ची चल रही है
मध्य प्रदेश की सियासत के गलियारों में इस समय जमकर हलचल देखी जा रही है। बीएसपी विधायक संजीव सिंह कुशवाह के बीजेपी में शामिल होने की चर्ची चल रही है। वहीं अब राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी के इकलौते विधायक राजेश शुक्ला भी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से मुलाकात हो चुकी है
छतरपुर जिले की बिजावर विधानसभा सीट से राजेश शुक्ला पहली बार विधायक बने हैं। राजेश ने समाजवादी पार्टी की तरफ से चुनाव जीता है। अब सुनने में आ रहा है कि वो बीजेपी में शामिल होने जा रहे है। चर्चा है कि उनकी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से मुलाकात हो चुकी है। वो 2018 के विधानसभा चुनाव में पहली चुनाव जीतकर विधायक बने थे। बताया जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव के वक्त उनकी बीजेपी के बड़े नेताओं से मुलाकात हुई थी, जिसके बाद से उनके बीजेपी में जाने की चर्चा तेज है।
बीजेपी को पहले भी सपोर्ट कर चुके हैं
राजेश शुक्ला अगर बीजेपी में शामिल होते है तो उनकी विधायकी भी नहीं जाएगी। वो समाजवादी पार्टी के एक मात्र विधायक हैं। आपको बता दें कि वो बीजेपी को पहले भी सपोर्ट कर चुके हैं, जब कमलनाथ सरकार गिरी थी उसके बाद उन्होंने शिवराज सरकार बनने के बाद बीजेपी को सपोर्ट किया था।
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