भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार आज विधानसभा में पेश होने वाले वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से पहले महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक करेगी। इस बैठक में राज्य के तीसरे बजट को औपचारिक मंजूरी दिए जाने की संभावना है। बजट का आकार लगभग 4.75 लाख करोड़ रुपये के आसपास रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके साथ ही 1 अप्रैल से लागू होने वाली नई आबकारी नीति को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिल सकती है।
बजट को विभागीय स्तर पर मिल चुकी है अंतिम रूपरेखा
बजट पेश किए जाने से पहले वित्त मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की थी। विभागीय स्तर पर मसौदा तैयार होने के बाद अब मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद की चर्चा के बाद इसे अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
नई आबकारी नीति में बड़े बदलाव की तैयारी
सरकार आबकारी व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए नई नीति लागू करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, शराब दुकानों को छोटे-छोटे समूहों में विभाजित कर ठेके देने की व्यवस्था लागू हो सकती है।
एक समूह में 2 से 5 दुकानें शामिल होंगी
प्रदेशभर में करीब 1,000 समूह बनाए जाने की संभावना
समूह आधारित टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी
भोपाल में बनेंगे 25–30 समूह, लाइसेंस नियमों में बदलाव संभव
राजधानी भोपाल में लगभग 25 से 30 समूह बनाए जा सकते हैं, जिनके लिए टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। इसके अलावा होटल-बार और रेस्टोरेंट बार लाइसेंस नियमों में भी बदलाव प्रस्तावित है। होटल-बार के लिए कमरों की न्यूनतम संख्या 20 से घटाकर 10 किए जाने पर विचार किया जा रहा है।
पहली बार रेंडमाइजेशन सिस्टम से टेंडर प्रक्रिया
नई आबकारी नीति में पहली बार शराब ठेकों के टेंडर रेंडमाइजेशन सिस्टम से खोले जाएंगे। कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ के जरिए तय होगा कि किस समूह का टेंडर पहले खुलेगा। अभी तक सभी टेंडर एक साथ जारी किए जाते थे, लेकिन नई व्यवस्था में क्रमवार प्रक्रिया अपनाने की योजना है।
नई दुकानें नहीं खुलेंगी, राजस्व बढ़ाने पर जोर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई शराब दुकानें या अहाते नहीं खोले जाएंगे। मौजूदा ढांचे के भीतर ही ठेके आवंटित किए जाएंगे। फिलहाल आबकारी शुल्क बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। आबकारी विभाग को 31 मार्च तक करीब 18 हजार करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य दिया गया है, जबकि अगले वित्तीय वर्ष में इसमें 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि का अनुमान है।
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