रायपुर। राजधानी रायपुर में लोकलाज के डर से नवजात बच्चे को सड़क किनारे लावारिस छोड़ने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के शांति भवन गेट के सामने कपड़े में लिपटे नवजात को छोड़कर भाग रहे युवक को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पकड़ लिया। पुलिसकर्मी नवजात को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में आरोपी रफीक शेख को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, उसकी प्रेमिका काजल मेश्राम की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
नीले ऑटो से उतरा, कपड़े में लिपटे नवजात को छोड़कर भागा
घटना 13 अक्टूबर की दोपहर की बताई जा रही है। आरक्षक आलोक कुमार किंडो ड्यूटी से लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक नीले रंग के ऑटो पर पड़ी। ऑटो से उतरे एक युवक ने कपड़े में लिपटी वस्तु शांति भवन के गेट के सामने रखी और वहां से भागने लगा। कुछ दूर पैदल जाने के बाद वह दोबारा उसी ऑटो में बैठकर निकलने की तैयारी में था। युवक की संदिग्ध गतिविधियों को देखकर आरक्षक को शक हुआ। उन्होंने तत्काल पास में ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को सूचना दी। पुलिस ने ऑटो रुकवाया और कपड़ा खोलकर देखा तो उसके अंदर नवजात बच्चा मिला।
प्रेमिका ने दिया था बच्चे को जन्म, लोकलाज के डर से छोड़ा
पूछताछ में युवक ने अपना नाम रफीक शेख बताया। पुलिस के मुताबिक, रफीक ने बताया कि उसकी प्रेमिका काजल मेश्राम ने उसी दिन रायपुर के एक निजी अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। दोनों की शादी नहीं हुई थी। कथित तौर पर समाज और लोकलाज के डर से बच्चे को लावारिस छोड़ने का फैसला लिया गया। इसके बाद रफीक नवजात को ऑटो से शांति भवन लेकर पहुंचा और गेट के सामने छोड़ दिया। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही नवजात की मौत
पुलिसकर्मियों ने मानवता दिखाते हुए नवजात को तुरंत उठाया और पास के नवकार अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, जन्म के कुछ घंटे बाद ही नवजात को अस्पताल से लाकर खुले स्थान पर असुरक्षित हालत में छोड़ दिया गया था। नवजात की मौत के वास्तविक कारणों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
आरोपी गिरफ्तार, प्रेमिका की भूमिका की भी जांच
पुलिस ने आरोपी रफीक शेख के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 92 और 93 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। वहीं, काजल मेश्राम की भूमिका को लेकर भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस निजी अस्पताल के प्रबंधन से भी जानकारी जुटाएगी कि नवजात को अस्पताल से ले जाने के दौरान क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी और मामले में किसी तरह की लापरवाही तो नहीं हुई।
निजी अस्पतालों की भूमिका पर भी उठे सवाल
राजधानी में सामने आए इस मामले ने निजी अस्पतालों की जिम्मेदारी और नवजातों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अस्पताल प्रबंधन से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इस संबंध में डीसीपी नॉर्थ रॉबिंसन गुड़िया का बयान भी सामने आएगा।