रायपुर। राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में एक व्यापारी के साथ मारपीट और लूट का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो युवकों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर व्यापारी को डराया-धमकाया और सड़क पर दौड़ाकर बेल्ट से पिटाई की। इसके बाद आरोपियों ने व्यापारी का रियलमी मोबाइल फोन और एक्टिवा की चाबी लूट ली। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
गोपियापारा के पास हुई वारदात
पुलिस के मुताबिक, 16 अक्टूबर को पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के गोपियापारा के पास दो व्यक्तियों ने प्रार्थी आशीष ठाकुर के साथ मारपीट की। आरोपियों ने बेल्ट और लात-घूंसों से हमला किया, जिससे व्यापारी के चेहरे और हाथ में चोटें आईं। वारदात के बाद आरोपी उसका मोबाइल फोन और एक्टिवा की चाबी लेकर फरार हो गए।
व्यापारी ने लगाया क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर मारपीट करने का आरोप
पीड़ित आशीष ठाकुर के अनुसार, आरोपियों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और लगातार उसके साथ मारपीट की। पीड़ित ने बेल्ट और लात-घूंसों से हमला किए जाने की बात कही है। वहीं, मामले में व्यापारी से 15 लाख रुपये मांगने और रकम नहीं देने पर हनी ट्रैप के मामले में फंसाने की धमकी देने के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, पुलिस की जारी प्रेस विज्ञप्ति में 15 लाख रुपये की मांग, हनी ट्रैप की धमकी और खुद को क्राइम स्क्वॉड का अधिकारी बताने संबंधी आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है। इन पहलुओं पर स्थिति विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलने के बाद पुरानी बस्ती पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और गवाहों से पूछताछ की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धीरेन्द्र सिंह तोमर (37), निवासी प्रिय नगर, अग्रवाल कॉलोनी, डी.डी. नगर, रायपुर और आकाश पाण्डेय (38), निवासी महोबा बाजार, राजीव नगर, आमानाका, रायपुर के रूप में हुई है।
मोबाइल, बेल्ट और एक्टिवा की चाबी जब्त
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने आपसी लेनदेन के विवाद में वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन, लाल रंग का चमड़े का एक बेल्ट और एक्टिवा की चाबी जब्त की गई है। पुरानी बस्ती पुलिस ने अपराध क्रमांक 545/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(6) में मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को 17 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
आरोपी के पिता मंत्री की सुरक्षा में तैनात होने का दावा
मामले में यह दावा भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक के पिता मंत्री टंक राम वर्मा की सुरक्षा में पदस्थ हैं। हालांकि, इस दावे की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
15 लाख की मांग और हनी ट्रैप की धमकी पर उठे सवाल
इस घटना के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। क्या आरोपियों ने वास्तव में क्राइम ब्रांच या क्राइम स्क्वॉड का नाम लेकर व्यापारी को धमकाया था? क्या 15 लाख रुपये की मांग की गई और रकम नहीं देने पर हनी ट्रैप में फंसाने की धमकी दी गई थी? फिलहाल पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले की वास्तविकता और घटनाक्रम के अन्य पहलुओं का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।