पन्ना जिले की रैपुरा तहसील अंतर्गत संचालित धान खरीदी केंद्र क्रमांक-1 में बुधवार सुबह कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया। धान से भरी बोरियों पर पानी डालकर वजन बढ़ाने के आरोपों के बीच प्रशासन हरकत में आया, जहाँ तहसीलदार संतोष कुमार अरेहा ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और पंचनामा तैयार कराया।
मौके पर निरीक्षण, पंचनामा तैयार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कई बोरियां असामान्य रूप से गीली पाई गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार संतोष कुमार अरेहा को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही तहसीलदार टीम के साथ खरीदी केंद्र पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पंचनामा तैयार किया गया तथा संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। प्रकरण की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। तहसीलदार संतोष कुमार अरेहा ने बताया, "पंचनामा तैयार कर लिया गया है। कलेक्टर मैडम एवं खाद्यान्न अधिकारी को भी सूचना दे दी गई है। आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।"
किसानों में आक्रोश, उच्चस्तरीय जांच की मांग
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। किसानों का कहना है कि इस प्रकार की अनियमितताएं ईमानदार किसानों के हितों को प्रभावित करती हैं और शासन की खरीदी व्यवस्था पर विश्वास कमजोर करती हैं। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी जिले के अन्य धान खरीदी केंद्रों में अनियमितताओं के आरोप सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि धान में कृत्रिम नमी बढ़ाना न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि इससे भंडारित धान की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस प्रकरण में कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।
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