कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीतिक सत्ता में हुए ऐतिहासिक बदलाव का असर अब बंगाली फिल्म इंडस्ट्री यानी टॉलीवुड पर भी साफ दिखने लगा है। 4 मई को राज्य की 200 से अधिक विधानसभा सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सरकार बनाई है। मुख्यमंत्री पद की कमान संभालते ही सुवेंदु अधिकारी ने टॉलीवुड की अंदरूनी समस्याओं, सिंडिकेट राज और कलाकारों के उत्पीड़न को खत्म करने के लिए कमर कस ली है। मुख्यमंत्री ने अभिनेता रुद्रनील घोष और रूपा गांगुली समेत कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं को टॉलीवुड के विवादों को सुलझाने की विशेष जिम्मेदारी सौंपी है।
इसी कड़ी में, फेडरेशन की एक महत्वपूर्ण बैठक भाजपा नेता रुद्रनील घोष के नेतृत्व में आयोजित की गई। इस बैठक में टॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता परमब्रत चटर्जी, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक सृजित मुखर्जी और जयदीप मुखर्जी समेत कई जाने-माने फिल्मकारों और तकनीशियनों ने हिस्सा लिया और अब तक दबाकर रखी गई अपनी आपबीती और समस्याओं को सामने रखा।
"टॉलीवुड में दी जाती थी डेथ थ्रेट, होगी कानूनी कार्रवाई" — रुद्रनील घोष
बैठक में उपस्थित सभी कलाकारों और तकनीशियनों (कलाकुशली) की दर्दभरी दास्तां सुनने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी नेता रुद्रनील घोष का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पिछली व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए कहा- "टॉलीवुड में अब तक किसी को डेथ थ्रेट (जान से मारने की धमकी) दी गई, तो किसी को गोली मार देने की धमकी दी गई। मुझे नहीं लगता कि भारत की किसी भी फिल्म इंडस्ट्री में इससे ज्यादा भयानक और डरावना माहौल कभी रहा होगा। जैसे पूरा पश्चिम बंगाल अब अंधकार से मुक्ति चाहता था, वैसे ही आज जो कलाकार यहां आए हैं और जिन्होंने अपनी आपबीती सुनाई है, उसे सुनकर यह समझने में समय नहीं लगता कि टॉलीवुड के अंदर क्या चल रहा था और लोग किस दर्द से गुजर रहे थे।" रुद्रनील घोष ने साफ लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, *"इस दमन और उत्पीड़न में जो लोग भी शामिल थे, उनके खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एफआईआर (FIR) दर्ज होगी और कानून के मुताबिक कड़ी सजा दी जाएगी। यहां महिला और पुरुष, दोनों का समान रूप से शोषण किया गया है। नई सरकार इस अराजकता और धमकी भरे कल्चर के पूरी तरह खिलाफ है।"
परमब्रत चटर्जी का विस्फोटक दावा: "नवजात बच्चे का मुंह देखकर समझौता करना पड़ता था"
इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता और निर्देशक परमब्रत चटर्जी ने बैठक में बेहद भावुक और चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में काम पाने और टिके रहने के लिए उन्हें भी अपनी अंतरात्मा से समझौता करना पड़ा था। परमब्रत ने कहा:- "हमें भी अपनी आजीविका चलानी होती है, पैसे कमाने होते हैं, जिसके लिए हमें कहीं न कहीं कुछ जगहों पर समझौता (Compromise) करना पड़ता था। मुझे भी एक दौर में यह सब करना पड़ा था। उस समय मैंने अपने नवजात बच्चे के चेहरे की तरफ देखा और दांत से दांत पीसकर उस घुटते हुए माहौल को झेला था। मेरे पास और कोई रास्ता नहीं था। मैं किसी के खिलाफ व्यक्तिगत गुस्सा नहीं निकालना चाहता, मैं बस इतना चाहता हूं कि भविष्य में किसी भी कलाकार को ऐसी परिस्थिति का सामना न करना पड़े।"
निर्देशक सृजित मुखर्जी ने सुझाया समाधान, 'बॉयकॉट कल्चर' पर रोक की मांग
टॉलीवुड के मशहूर निर्देशक सृजित मुखर्जी ने इंडस्ट्री की समस्याओं को सुलझाने के लिए एक व्यावहारिक रास्ता सुझाया। उन्होंने हर गिल्ड के बीच बातचीत और 'बॉयकॉट' की जगह 'जुर्माने' की नीति अपनाने की वकालत की। सृजित मुखर्जी ने कहा: - "यदि हर गिल्ड के पास अपनी 20 समस्याएं हैं, तो इतने सारे गिल्ड्स को मिलाकर कितनी बड़ी समस्याएं होंगी? अगर सभी गिल्ड्स के लोग एक साथ बैठें, अपनी समस्याओं पर चर्चा करें और एक मध्यस्थता (Mutual Understanding) के रास्ते पर पहुंचें, तो कोई भी नियमों पर सवाल नहीं उठा पाएगा।" उन्होंने इंडस्ट्री में चलने वाले 'बॉयकॉट कल्चर' (काम से रोकने की प्रथा) पर बात करते हुए कहा कि किसी भी कलाकार या तकनीशियन को काम करने से रोकने (बॉयकॉट करने) के बजाय, गलती होने पर उन पर 'फाइन' (आर्थिक जुर्माना) लगाने की व्यवस्था शुरू की जानी चाहिए।बीजेपी सरकार के इस कड़े रुख और टॉलीवुड के दिग्गजों के इस खुले समर्थन के बाद, अब यह साफ हो गया है कि बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से 'थ्रेट कल्चर' और भाई-भतीजावाद के दिन अब लदने वाले हैं।