‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का ध्यान खींचा है। ‘मिर्जापुर द मूवी’, ‘हैवान’ और ‘टॉक्सिक’ जैसी फिल्मों से मुकाबले के बावजूद फिल्म ने अपनी अलग जगह बनाए रखी है। दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया के साथ इसकी कमाई में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी हुई है और फिल्म अब भी सिनेमाघरों में दर्शकों को आकर्षित कर रही है।
दुनियाभर से मिल रहा है फिल्म को प्यार
फिल्म को भारत के साथ-साथ विदेशों में भी दर्शकों की ओर से अच्छी प्रतिक्रिया मिलने की बात सामने आई है। ऐसे में फिल्म से जुड़े लोगों और प्रशंसकों को उम्मीद थी कि इसकी उपलब्धियों में ऑस्कर का नाम भी जुड़ सकता है। हालांकि अब यह संभावना समाप्त हो गई है, क्योंकि फिल्म भारत की ओर से ऑस्कर के लिए आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में भेजे जाने की प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हो सकी।
ऑस्कर की दौड़ से बाहर होने की वजह
निर्माता नम्रता सिंह ने बताया कि ‘हनुमान अंश’ को ऑस्कर के लिए भेजने की प्रक्रिया से जुड़ी एक अहम समय-सीमा टीम से चूक गई। ‘बॉलीवुड हंगामा’ से बातचीत के दौरान जब उनसे फिल्म को तेलुगु के अलावा अन्य भाषाओं में डब किए जाने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ऐसा नहीं किया गया है।
इसके बाद उन्होंने बताया कि फिल्म को सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के लिए प्रस्तुत क्यों नहीं किया जा सका। उनके अनुसार टीम को ऑस्कर की प्रस्तुति प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी और इसी वजह से निर्धारित समय-सीमा निकल गई।
छोटी टीम और काम की व्यस्तता बनी वजह
नम्रता सिंह ने बताया कि फिल्म की टीम पहले से ही कई कामों में व्यस्त थी और उनकी टीम भी काफी छोटी है। ऐसे में ऑस्कर की प्रस्तुति से जुड़ी प्रक्रिया पर समय रहते ध्यान नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि अंतिम तारीख 7 सितंबर थी, लेकिन टीम को इस प्रक्रिया के बारे में जानकारी नहीं थी और समय-सीमा निकल गई।
निर्माता के मुताबिक, इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने फोन करके सवाल किया कि फिल्म को ऑस्कर के लिए क्यों नहीं भेजा गया। इससे यह भी पता चलता है कि दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर ऑस्कर की उम्मीद कितनी मजबूत हो चुकी थी।
सिर्फ तेलुगु में हुई डबिंग
नम्रता सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘हनुमान अंश’ को फिलहाल सिर्फ तेलुगु भाषा में डब किया गया है। अन्य भाषाओं में फिल्म को डब करने की योजना को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने इनकार किया। इससे साफ है कि फिल्म की टीम फिलहाल रिलीज और उससे जुड़े दूसरे कामों में व्यस्त है।
हालांकि फिल्म को मिल रही प्रतिक्रिया के बीच ऑस्कर की समय-सीमा चूक जाना निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण सबक जरूर बन गया है। अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए किसी फिल्म को प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में समय पर तैयारी और नियमों की जानकारी कितनी महत्वपूर्ण होती है, यह मामला इसका उदाहरण है।
दर्शकों के समर्थन ने बढ़ाई उम्मीद
‘हनुमान अंश’ को मिल रहे दर्शकों के समर्थन ने फिल्म की टीम की उम्मीदों को जरूर बढ़ाया था। बॉक्स ऑफिस पर मजबूत प्रदर्शन और लगातार मिल रही प्रतिक्रिया के बीच फिल्म को लेकर ऑस्कर की चर्चा भी शुरू हुई। लेकिन निर्धारित समय-सीमा निकल जाने के कारण अब फिल्म भारत की आधिकारिक ऑस्कर प्रविष्टि के रूप में दौड़ का हिस्सा नहीं बन पाएगी।
फिल्म की टीम के लिए यह स्थिति इसलिए भी खास है क्योंकि दर्शकों ने उसे उम्मीद से कहीं अधिक समर्थन दिया है। हालांकि ऑस्कर तक न पहुंच पाने के बावजूद फिल्म की बॉक्स ऑफिस सफलता और दर्शकों की प्रतिक्रिया उसकी उपलब्धियों में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
एक चूक ने बदल दिया पूरा समीकरण
‘हनुमान अंश’ की कहानी यह दिखाती है कि किसी फिल्म की गुणवत्ता और दर्शकों की पसंद के साथ-साथ पुरस्कारों की प्रक्रिया में समय पर औपचारिक कदम उठाना भी उतना ही जरूरी है। निर्माता के अनुसार जानकारी के अभाव, सीमित टीम और व्यस्त कार्यक्रम के कारण वह मौका हाथ से निकल गया।
अब फिल्म ऑस्कर की आधिकारिक दौड़ में भले ही शामिल न हो सके, लेकिन दर्शकों का समर्थन उसके लिए बड़ी उपलब्धि है। आने वाले समय में फिल्म की कमाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि ‘हनुमान अंश’ अपने खाते में और कितनी उपलब्धियां जोड़ पाती है।