तेहरान. अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का सीधा असर दुनिया भर के व्यापार और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह होर्मुज जलडमरूमध्य है, जो कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति और समुद्री कारोबार का अत्यंत महत्त्वपूर्ण मार्ग है। ईरान द्वारा इस मार्ग को बंद रखने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और चिंता काफी बढ़ गई है। कई देश वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों की तलाश में जुट गए हैं। इस संकट के लंबे समय तक बने रहने से तेल की कीमतों में और वृद्धि होने की आशंका जताई जा रही है।
ईरान का प्रस्ताव और दो दिन का समय
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका तेहरान की शर्तें मान लेता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य को दो दिन के भीतर दोबारा खोला जा सकता है। पहले इस प्रक्रिया के लिए पांच दिन का समय सुझाया गया था, लेकिन अब इसे घटाकर दो दिन करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह प्रस्ताव कतर के साथ चल रही बातचीत का हिस्सा है। ईरान का कहना है कि शर्तों के स्वीकार होते ही मार्ग को शीघ्र सुचारू किया जा सकता है। इससे वैश्विक बाजार को राहत मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
अमेरिका के सामने रखी गई प्रमुख शर्तें
ईरान की प्रमुख मांगों में अमेरिका द्वारा प्रतिबंध हटाना, सैन्य मौजूदगी कम करना, तेल संबंधी छूट बहाल करना और विदेशों में फंसी ईरानी रकम लौटाना शामिल है। इसके अतिरिक्त ओमान के साथ तय नए समुद्री मार्ग को मान्यता देना, अन्य मार्गों को बंद रखना तथा सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने की शर्त भी रखी गई है। सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि सात शर्तें पूरी होने पर ही कूटनीति का रास्ता खुलेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान पर हमला होने पर नए हथियारों से जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
कतर की मध्यस्थता और बातचीत की स्थिति
इस पूरे प्रस्ताव को लेकर कतर के साथ गहन बातचीत जारी है। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार पहले पांच दिन का समय प्रस्तावित था जिसे अब दो दिन कर दिया गया है। मध्यस्थता के माध्यम से ही आगे की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। दोनों पक्षों के बीच प्रत्यक्ष संवाद की बजाय कतर के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है। इस मध्यस्थता की सफलता पर ही होर्मुज के शीघ्र खुलने की संभावना निर्भर करती है।
अमेरिकी पत्र और ईरान का सकारात्मक रुख
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कतर के मध्यस्थों के जरिए ईरान के सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई को एक पत्र भेजा था। रेजाई ने ईरान के सरकारी प्रसारणकर्ता से बातचीत में कहा कि पत्र में अमेरिका का रुख पहले की तुलना में बदला हुआ नजर आया है। उन्होंने इसे ईरान के लिए सकारात्मक संकेत बताया और कहा कि इससे ईरान की स्थिति मजबूत होती दिख रही है। पत्र में किसी निश्चित शांति समझौते की बजाय बातचीत की रूपरेखा पेश की गई थी। इसमें सीधे संवाद का प्रस्ताव भी शामिल था।
परमाणु कार्यक्रम और ट्रंप के बयान
रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी पत्र में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भी बातचीत के एजेंडे में शामिल करने का उल्लेख था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिका से बातचीत और समझौता करना चाहता है। उन्होंने बातचीत को सकारात्मक बताया लेकिन ईरान के रवैये पर पूरा भरोसा नहीं जताया। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका ईरान के शेष परमाणु ठिकानों पर हमला कर सकता है और ऐसी कार्रवाई बहुत शीघ्र की जा सकती है। दोबारा हमले के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि फैसला लिया गया तो पहले से सूचना नहीं दी जाएगी।