प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित नॉर्वे यात्रा से पहले वहां की सरकार में उत्सुकता साफ दिख रही है। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने कहा कि वे वर्ष के अंत में होने वाली इस यात्रा का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। ओस्लो में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के दौरान स्टोर ने माना कि यह दौरा दोनों देशों के बीच सहयोग की नई दिशा तय करेगा और साझेदारी को और मजबूत करेगा। उन्होंने भारत की सुधार यात्रा और विकास गति की सराहना करते हुए कहा कि नॉर्वे, भारत के साथ कई अत्याधुनिक क्षेत्रों में हाथ से हाथ मिलाकर काम करना चाहता है।
द्विपक्षीय चर्चा का व्यापक दायरा
ओस्लो में हुई मुलाकात के दौरान भारत और नॉर्वे ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया। वित्त मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने ईएफटीए और टीईपीए समझौते के संचालन पर विशेष चर्चा की। इसके साथ ही उच्च तकनीकी विनिर्माण, कार्बन कैप्चर, स्टार्टअप क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, समुद्री तकनीक और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने का खाका तैयार किया गया। यह चर्चा इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है कि आने वाले वर्षों में भारत और नॉर्वे वैश्विक मंचों पर एक-दूसरे के प्रमुख साझेदार बन सकते हैं।
भारतीय प्रवासियों के योगदान की प्रशंसा
नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्टोर ने कहा कि नॉर्वे में बसे भारतीय लोग वहां की सामाजिक और आर्थिक संरचना में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। उन्होंने इसे दोनों देशों के गहरे सांस्कृतिक और जन-आधारित रिश्तों का प्रमाण बताया। मत्स्य पालन, स्वास्थ्य तकनीक और समुद्री नीति जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर भी सहमति जताई गई। स्टोर ने यह भी कहा कि वे और उनकी टीम प्रधानमंत्री मोदी की आगामी यात्रा का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं, जिससे दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंध और मजबूत होंगे।
ऊंचे स्तर पर निरंतर संवाद
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नॉर्वे के व्यापार और उद्योग मंत्री सेसिली मैसरेथ, मत्स्य पालन और महासागर नीति के राज्य सचिव ट्रॉनस्टैड सेजबक्कन सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत बातचीत की। उन्होंने हरित प्रौद्योगिकी, जहाजरानी उद्योग, दुर्लभ पृथ्वी खनिज प्रसंस्करण और मत्स्य आधारित अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में भारत–नॉर्वे साझेदारी को और सशक्त करने पर जोर दिया। दोनों देशों ने माना कि टीईपीए का प्रभावी संचालन साझा आर्थिक लाभ को और आगे बढ़ाएगा।
व्यापार जगत के साथ सीधी बातचीत
अपने ओस्लो प्रवास के दौरान वित्त मंत्री ने नॉर्वे के प्रमुख औद्योगिक जगत से जुड़े शीर्ष 35 से अधिक मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और निवेशकों के साथ गोलमेज बैठक में भी भाग लिया। इस चर्चा में भारत में निवेश, नवाचार, ऊर्जा परिवर्तन और वित्तीय सहयोग पर विचार-विमर्श हुआ। नॉर्वे की कंपनियों ने भारत के तेजी से बढ़ते बाज़ार और नीति स्थिरता में विशेष रुचि दिखाई। यह बैठक इस बात का महत्वपूर्ण संकेत है कि दोनों देशों के निजी क्षेत्र के बीच भी मजबूत साझेदारी की संभावनाएँ तेज़ होती जा रही हैं।
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