अमेरिका की एयरस्ट्राइक के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। रविवार को ईरान ने मिडिल ईस्ट के छह देशों—जॉर्डन, कुवैत, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान में मौजूद अमेरिकी सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस घटनाक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिका ने पहले किए थे बड़े पैमाने पर हवाई हमले
इससे पहले अमेरिका ने ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट में साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज पर हुए हमले के जवाब में की गई। अमेरिकी सेना के मुताबिक, इस हमले में जहाज में आग लग गई, इंजन क्षतिग्रस्त हो गया और चालक दल का एक सदस्य लापता हो गया।
कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दागे मिसाइल और ड्रोन
ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तहत जॉर्डन स्थित प्रिंस हसन एयरबेस, कुवैत में अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और रडार साइट, बहरीन में अमेरिकी सैन्य संचार केंद्र समेत कतर और UAE की दिशा में भी मिसाइल और ड्रोन दागे। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई है।
होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की घोषणा
ईरान ने अगले आदेश तक होर्मुज स्ट्रेट को बंद रखने का ऐलान किया है। इसके साथ ही तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी कार्रवाई जारी रही तो वह आगे भी जवाबी कदम उठाएगा। इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक सुरक्षा और तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।