डोनाल्ड ट्रम्प की चीन यात्रा के बाद एक दिलचस्प घटनाक्रम सामने आया है। चीन से लौटते समय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने एयरपोर्ट पर चीनी अधिकारियों से मिले उपहार, बैज, क्रेडेंशियल्स और विशेष फोन तक डस्टबिन में फेंक दिए। यह कदम सुरक्षा एजेंसियों के कड़े प्रोटोकॉल के तहत उठाया गया बताया जा रहा है।
बीजिंग से रवाना होने से पहले कार्रवाई
बीजिंग से अमेरिका लौटने के दौरान एयर फोर्स वन में चढ़ने से पहले व्हाइट हाउस स्टाफ ने सभी सामान एकत्र किया। इनमें यात्रा के दौरान मिले गिफ्ट, डेलीगेशन पिन और उपयोग किए गए बर्नर फोन शामिल थे। इसके बाद इन्हें एयरपोर्ट पर ही नष्ट कर दिया गया।
चीन से जुड़ी वस्तुओं पर रोक
अमेरिकी अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि चीन से जुड़ी कोई भी वस्तु सरकारी विमान में नहीं ले जाई जाएगी। सुरक्षा कारणों से प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने अपने निजी मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी साथ नहीं रखे। पूरी यात्रा के दौरान केवल विशेष सुरक्षित फोन का इस्तेमाल किया गया।
पत्रकार ने किया खुलासा
एमिली गुडिन ने इस घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एयर फोर्स वन में सवार होने से पहले सीढ़ियों के पास रखे डस्टबिन में सभी सामान फेंका गया। इस दृश्य ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा तेज कर दी।
सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती
विशेषज्ञों का कहना है कि यह अमेरिका की काउंटर-इंटेलिजेंस रणनीति का हिस्सा है। संवेदनशील देशों की यात्रा के दौरान जासूसी या डेटा चोरी की आशंका को देखते हुए ऐसे प्रोटोकॉल लागू किए जाते हैं।
दोस्ती के बीच रणनीतिक दूरी
हालांकि ट्रम्प ने यात्रा को सफल बताया, लेकिन अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर मतभेद जारी हैं। इस घटना ने दोनों देशों के बीच भरोसे और सुरक्षा को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।