ममता बनर्जी ने चुनावी हार के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि जो लोग संगठन छोड़ना चाहते हैं, वे स्वतंत्र हैं। तृणमूल कांग्रेस की बैठक में उन्होंने कहा कि पार्टी को दोबारा मजबूती से खड़ा किया जाएगा और संघर्ष जारी रहेगा।
हार के बाद संगठन संभालने की तैयारी
कोलकाता के कालीघाट स्थित आवास पर ममता बनर्जी ने उम्मीदवारों के साथ अहम बैठक की। बैठक में अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे। इस दौरान पार्टी की हार पर चर्चा हुई और आगे की रणनीति तय की गई।
पार्टी दफ्तर फिर खोलने का निर्देश
ममता ने कार्यकर्ताओं से कहा कि जिन पार्टी कार्यालयों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें फिर से तैयार किया जाए। उन्होंने दफ्तरों को रंगने और दोबारा सक्रिय करने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह खुद भी इस काम में शामिल होंगी।
चुनाव में बड़ा झटका
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में टीएमसी को केवल 80 सीटें मिलीं। खुद ममता बनर्जी को भी अपने पारंपरिक गढ़ भवानीपुर से हार का सामना करना पड़ा। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री चुनाव नहीं जीत सके।
असंतोष पर खुला संदेश
पार्टी के भीतर असंतोष और नेताओं के दूसरी पार्टी में जाने की चर्चाओं के बीच ममता ने साफ कहा कि वह किसी को रोकना नहीं चाहतीं। उन्होंने कहा कि जिनकी अलग राह है, वे जा सकते हैं, लेकिन पार्टी झुकेगी नहीं और फिर से खड़ी होगी।
कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश
बैठक के जरिए ममता ने हार से निराश नेताओं और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया। उन्होंने एकजुट रहने और संघर्ष जारी रखने का संदेश दिया।