एनीमिया शरीर में खून की कमी का वह चरण है जिसमें व्यक्ति को लगातार थकान, सुस्ती, चक्कर आना, कमजोरी और सांस फूलने जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति हीमोग्लोबिन के घटने से उत्पन्न होती है, जिसके कारण शरीर में ऑक्सीजन का वितरण प्रभावित होता है। भारत में महिलाओं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं में यह समस्या अत्यंत आम है। नेशनल हेल्थ मिशन द्वारा चलाया जा रहा अभियान “एनीमिया को हराएं, स्वस्थ जीवन अपनाएं” इसी गंभीर स्थिति को कम करने के उद्देश्य से व्यापक जनजागरूकता ला रहा है।
आयरन, विटामिन C और प्रोटीन क्यों हैं आवश्यक
शरीर में खून की कमी दूर करने के लिए आयरन, विटामिन C और प्रोटीन का संतुलित सेवन अत्यंत आवश्यक है। आयरन हीमोग्लोबिन का निर्माण करता है और ऑक्सीजन को पूरे शरीर में पहुंचाता है। विटामिन C आयरन के अवशोषण को बढ़ाता है और प्रोटीन शरीर में ऊतकों की मरम्मत तथा विकास में मदद करता है। इन तीनों पोषक तत्वों की उपलब्धता शरीर को ऊर्जा, मजबूती और स्वास्थ्य प्रदान करती है।
कौन-कौन से खाद्य पदार्थ बढ़ाते हैं आयरन का स्तर
आयरन से भरपूर भोजन का नियमित सेवन एनीमिया से बचने का सबसे सरल उपाय है। पालक, मेथी, सरसों का साग, बथुआ और चौलाई जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में प्राकृतिक आयरन की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसके साथ ही काले चने, ज्वार, बाजरा, राजमा, सोयाबीन और दालें शरीर को मजबूत बनाती हैं। चुकंदर, अनार, सेब, गुड़ और खजूर जैसे प्राकृतिक विकल्प खून को बढ़ाने और शरीर में स्फूर्ति लाने के लिए बेहद प्रभावी माने गए हैं। इन खाद्य पदार्थों के साथ आंवला, संतरा, मौसमी, अमरूद, कीवी और शिमला मिर्च जैसे विटामिन C से भरपूर फल और सब्जियों को शामिल करना शरीर को दोगुना लाभ प्रदान करता है।
प्रोटीन और सूखे मेवे: शरीर को अतिरिक्त मजबूती
एनीमिया के साथ-साथ शरीर को पूर्ण पोषण देने के लिए प्रोटीन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। दालों, दूध, दही, छाछ, पनीर, सोया चंक्स तथा राजमा जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शरीर को मजबूत बनाते हैं। बादाम, किशमिश, अखरोट, तिल, चिया सीड्स, अलसी और कद्दू के बीज जैसे मेवे और बीज खून की गुणवत्ता में सुधार लाते हैं और शरीर को अतिरिक्त पोषण प्रदान करते हैं। इन प्राकृतिक स्रोतों का दैनिक आहार में संतुलित उपयोग शरीर को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखता है।
आयरन के अवशोषण को बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण आदतें
आयरन से भरपूर भोजन तभी प्रभावी हो पाता है जब शरीर उसे सही तरह से अवशोषित करे। भोजन के साथ नींबू का सेवन करने या विटामिन C वाले किसी फल को शामिल करने से आयरन अधिक सहजता से शरीर में घुलता है। चाय और कॉफी का सेवन भोजन के तुरंत बाद करने से बचना चाहिए, क्योंकि यह आयरन के अवशोषण में बाधा डालती हैं। नियमित रूप से तीन से छह महीने के अंतराल पर हीमोग्लोबिन की जांच करवाना भी आवश्यक है। गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयरन सप्लीमेंट लेना चाहिए ताकि शरीर में खून की मात्रा संतुलित बनी रहे।
एनीमिया से बचाव का सरल समाधान: संतुलित आहार और जागरूकता
एनीमिया कोई असाध्य बीमारी नहीं, बल्कि एक पोषण संबंधी कमी है जिसे सही आहार और जागरूकता के माध्यम से आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। यदि रोजाना के भोजन में आयरन, विटामिन C और प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल की जाएं, तो शरीर में न केवल खून की कमी दूर होती है बल्कि ऊर्जा एवं स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है। नेशनल हेल्थ मिशन की पहल इस बात की याद दिलाती है कि संतुलित आहार ही स्वस्थ राष्ट्र की नींव है।
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