गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और कई राज्यों में लू जैसी परिस्थितियां लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रही हैं। ऐसे मौसम में शरीर को ठंडा रखना और पानी की कमी से बचाना सबसे बड़ी जरूरत बन जाता है। आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार यदि इस मौसम में सही दिनचर्या और संतुलित आहार अपनाया जाए, तो गर्मी से होने वाली थकान, चक्कर, डिहाइड्रेशन और पाचन संबंधी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद ने भी लोगों से अपील की है कि गर्मियों में शरीर में नमी बनाए रखना और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना बेहद जरूरी है।
शरीर को ठंडक देने में फायदेमंद माने जाते हैं तुलसी के बीज
आयुर्वेद में तुलसी के बीजों को गर्मी से राहत देने वाला बेहद उपयोगी प्राकृतिक उपाय माना जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि तुलसी के बीजों को रातभर पानी में भिगोकर सुबह उसका सेवन करना चाहिए। यह शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाने में मदद करता है और पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाए रखने में सहायक माना जाता है। गर्मी के दिनों में यह उपाय शरीर की जल संतुलन क्षमता को बनाए रखने में उपयोगी हो सकता है।
खस, चंदन और मोगरा से मिल सकती है प्राकृतिक शीतलता
गर्मी से राहत पाने के लिए आयुर्वेद में खस, चंदन और मोगरा का विशेष महत्व बताया गया है। इन प्राकृतिक तत्वों को पानी में भिगोकर तैयार किया गया पेय शरीर को ठंडक पहुंचाने में सहायक माना जाता है। आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार यह मिश्रण शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करने और गर्म हवाओं के प्रभाव से होने वाली थकावट को घटाने में मदद कर सकता है। यही वजह है कि पारंपरिक भारतीय जीवनशैली में गर्मियों के दौरान इनका उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है।
सफेद प्याज को माना जाता है लू से बचाव में सहायक
गर्मी के मौसम में सफेद प्याज का सेवन भी लाभकारी माना जाता है। आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार यह शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है और लू के प्रभाव को कम करने में सहायक होता है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग गर्मियों में भोजन के साथ सफेद प्याज का नियमित सेवन करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक खाद्य पदार्थ शरीर की गर्मी को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
गर्मी में खानपान को लेकर बरतें विशेष सावधानी
आयुर्वेद संस्थान की सलाह है कि गर्मी के मौसम में तला-भुना, अत्यधिक मसालेदार और भारी भोजन से दूरी बनानी चाहिए। ऐसा भोजन शरीर में अतिरिक्त गर्मी पैदा कर सकता है और पाचन तंत्र पर दबाव बढ़ा सकता है। इसके बजाय हल्का, ताजा और पौष्टिक आहार लेना अधिक लाभकारी माना जाता है। मौसमी फल, हरी सब्जियां, दही, छाछ और सलाद शरीर को हाइड्रेट रखने और ऊर्जा बनाए रखने में मदद करते हैं। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना भी इस मौसम में बेहद आवश्यक माना जाता है।
धूप और लू से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप सबसे अधिक तीव्र होती है, इसलिए इस दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को ढककर रखना, हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनना और छाता, टोपी या चश्मे का उपयोग करना लाभकारी हो सकता है। लगातार पानी पीते रहना और शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाना भी बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सावधानी और आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाकर भीषण गर्मी के दुष्प्रभावों से काफी हद तक बचा जा सकता है।