कलौंजी को लंबे समय से औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसे ब्लैक सीड, ब्लैक क्यूमिन या निगेला सीड्स नाम से भी जाना जाता है। आयुर्वेद और आधुनिक शोध दोनों ही इस बात पर सहमत हैं कि यह बीज कई शारीरिक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में मदद करता है। डॉ. सौरभ सेठी के अनुसार इसके अनेक फायदे क्लीनिकल स्टडीज़ से प्रमाणित हैं, जबकि कुछ अभी भी शोध के अधीन हैं।
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में कारगर
कलौंजी का सेवन उच्च रक्तचाप वाले लोगों के लिए लाभकारी माना गया है। इसके तत्व रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स करने और ब्लड सर्कुलेशन सुधारने में मदद करते हैं। यही वजह है कि धीरे-धीरे यह रक्तचाप कम करने में सहायता करता है। विशेषज्ञों के अनुसार नियमित और नियंत्रित मात्रा में इसका सेवन हाइपरटेंशन रोगियों के लिए राहतदायक साबित हो सकता है।
लिवर और किडनी की सुरक्षा में सहायक
लिवर और किडनी शरीर की डिटॉक्स प्रणाली का मुख्य आधार हैं। कलौंजी के बीज इन दोनों महत्वपूर्ण अंगों को सुरक्षा प्रदान करने की क्षमता रखते हैं। हालांकि डॉ. सेठी का कहना है कि इन पर उपलब्ध डेटा मुख्यतः प्रायोगिक अध्ययन पर आधारित है। इसके बावजूद कई शोध यह दर्शाते हैं कि यह बीज ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम कर लिवर और किडनी के स्वास्थ्य को बेहतर करने में सक्षम है।
ब्लड शुगर लेवल और इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार
मधुमेह रोगियों के लिए कलौंजी एक उपयोगी उपाय हो सकता है। इसमें मौजूद सक्रिय तत्व इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं और रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यही कारण है कि नियंत्रित सेवन से मधुमेह के प्रबंधन में सहायता मिल सकती है। यह भोजन के बाद अचानक बढ़ने वाले शुगर लेवल को भी संतुलित करने में कारगर है।
सूजन, जोड़ों के दर्द और एलर्जी में राहत
कलौंजी में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं जो शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं। रुमेटॉइड आर्थराइटिस से संबंधित कुछ परीक्षणों से पता चलता है कि इसके सेवन से सूजन के मार्कर में सुधार देखा गया है। इसी तरह अस्थमा और एलर्जी से जूझ रहे लोगों के लिए भी इसके तत्व राहत प्रदान करते हैं। इसके एंटी-हिस्टामिन गुण सांस संबंधी दिक्कतों को कम करने में सक्षम माने जाते हैं।
क्या कलौंजी वजन घटाने में मदद करती है?
वजन घटाने को लेकर अक्सर कलौंजी के फायदे बढ़ा-चढ़ा कर बताए जाते हैं, लेकिन डॉ. सेठी साफ कहते हैं कि यह बीज वजन कम करने का कोई चमत्कारी उपाय नहीं है। यह केवल मेटाबॉलिज्म में मामूली सुधार कर सकता है, लेकिन अकेले इससे वजन घटाना संभव नहीं है। सही आहार और व्यायाम के साथ ही वजन कम किया जा सकता है।
कलौंजी खाने का सही तरीका
कलौंजी का सेवन सीमित और सही रूप में करना जरूरी है। इसे खाली पेट गर्म पानी के साथ लिया जा सकता है, या फिर सलाद, दाल, सब्जी और काढ़े में मिलाकर उपयोग किया जा सकता है। कई लोग इसके तेल का भी सेवन करते हैं, लेकिन किसी भी हेल्थ कंडीशन में डॉक्टर की सलाह लेना अनिवार्य है। अधिक मात्रा में सेवन से पेट में जलन या असुविधा हो सकती है, इसलिए इसकी मात्रा 1 से 2 ग्राम से अधिक न हो।
कलौंजी कोई चमत्कारी औषधि नहीं, लेकिन एक शक्तिशाली प्राकृतिक तत्व है जिसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और चिकित्सकीय गुण अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। यह बीज ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, सूजन और एलर्जी जैसी समस्याओं में राहत पहुंचाने में सक्षम है, लेकिन किसी भी रोग के इलाज के विकल्प के रूप में इसे डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं अपनाना चाहिए।
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