भोपाल। राजधानी भोपाल में किसान आंदोलन के मद्देनजर बुधवार, 29 जुलाई 2026 को कई निजी स्कूलों ने छात्रों के लिए अवकाश घोषित कर दिया। प्रशासन की ओर से शहर में यातायात प्रभावित होने की आशंका जताए जाने के बाद स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा और अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया।बुधवार सुबह करीब 5 बजे से विभिन्न स्कूलों ने अभिभावकों के मोबाइल पर संदेश भेजकर जानकारी दी कि आज स्कूलों में कक्षाएं संचालित नहीं होंगी। इस निर्णय के बाद अधिकांश अभिभावकों ने बच्चों को घर पर ही रखा।
कई क्षेत्रों के स्कूलों में रही छुट्टी
नर्मदापुरम रोड, कटारा हिल्स, एमपी नगर और आसपास के क्षेत्रों के कई निजी स्कूलों ने अवकाश की घोषणा की। हालांकि कुछ अभिभावकों को स्कूल प्रबंधन का संदेश समय पर नहीं मिल सका और वे बच्चों को लेकर स्कूल पहुंच गए। वहां पहुंचने पर उन्हें स्कूल बंद होने की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा।
प्रशासन ने बताई छुट्टी की वजह
अपर कलेक्टर सुमित पाण्डेय ने बताया कि किसान आंदोलन के चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित होने की संभावना थी। इसी को देखते हुए छात्रों, अभिभावकों और स्कूल वाहनों को होने वाली परेशानी से बचाने के लिए स्कूलों में अवकाश रखने का निर्णय लिया गया।उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मंगलवार को किसान आंदोलन से थम गई थी शहर की रफ्तार
मंगलवार को मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर करीब दो हजार किसान मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आरआरएल तिराहा के पास रोकने का प्रयास किया, लेकिन इसके बाद नर्मदापुरम रोड सहित शहर के कई प्रमुख मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुआ जाम रात लगभग दस बजे तक बना रहा। इससे हजारों वाहन चालक, दफ्तर से लौटने वाले कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और अस्पताल जाने वाले मरीज घंटों तक फंसे रहे।
150 से अधिक कॉलोनियों के लोग हुए प्रभावित
नर्मदापुरम रोड से जुड़ी करीब 150 कॉलोनियों के रहवासियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे, जबकि कुछ लोगों को अपने वाहन बीच रास्ते में छोड़कर पैदल ही घर जाना पड़ा। शहर के कई हिस्सों में एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित हुई।
बैरिकेड हटाकर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी
प्रशासन को आंदोलन की पहले से जानकारी होने के बावजूद ग्यारह मील, मिसरोद और बाग सेवनिया क्षेत्रों में लगाए गए बैरिकेड किसानों को रोकने में सफल नहीं हो सके। प्रदर्शनकारी बैरिकेड हटाते हुए आरआरएल तिराहा तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, हालांकि हालात को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग नहीं किया।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि आंदोलन और यातायात संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखें तथा आवश्यक होने पर वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। साथ ही स्कूलों और संबंधित संस्थानों द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करने की भी सलाह दी गई है, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।