पन्ना में विस्थापन आंदोलन और आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष Jitu Patwari ने पन्ना पहुंचकर जेल में बंद किसान नेताओं और आंदोलनकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केन-बेतवा लिंक परियोजना पर सवाल उठाते हुए सरकार पर आदिवासियों और विस्थापित ग्रामीणों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। वहीं समाजसेवी Amit Bhatnagar समेत सभी ग्रामीणों को अदालत से जमानत मिल गई है।
केन-बेतवा परियोजना पर उठाए सवाल
पन्ना जिले में विस्थापन और आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी को लेकर सियासत लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Jitu Patwari सोमवार को पन्ना पहुंचे, जहां उन्होंने जेल में बंद किसान नेताओं, आंदोलनकारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी Ken-Betwa Link Project पर गंभीर सवाल उठाए। मीडिया से चर्चा करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि यह परियोजना भौतिक रूप से व्यवहारिक नहीं दिखाई देती। उन्होंने दावा किया कि केन नदी का पानी बेतवा तक ले जाना आसान नहीं है, जबकि इस परियोजना के कारण हजारों पेड़ों की कटाई की जा रही है। साथ ही दर्जनों गांवों के विस्थापन और Panna Tiger Reserve के बड़े हिस्से के डूब क्षेत्र में आने से पर्यावरण को भारी नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर आदिवासियों और गरीब ग्रामीणों की जमीन छीन रही है।
अमित भटनागर समेत सभी ग्रामीणों को मिली जमानत
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा विस्थापितों के हित में किए गए बड़े-बड़े वादों का गला घोंटा जा रहा है। जो लोग अपने अधिकार और न्याय की मांग कर रहे हैं, उन्हें जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी को लोकतंत्र के खिलाफ बताया। इधर, आंदोलन से जुड़े समाजसेवी Amit Bhatnagar सहित सभी ग्रामीणों को अदालत से जमानत मिल गई है। अधिवक्ता Rakesh Garg ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी लोगों की जमानत मंजूर हो चुकी है और जल्द ही सभी लोग जेल से रिहा होकर बाहर आ जाएंगे।