भोपाल: मध्यप्रदेश में बिजली संकट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि प्रदेश के किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। कमलनाथ के मुताबिक, सरकार ने किसानों को 10 घंटे बिजली देने का वादा किया था, लेकिन उन्हें मुश्किल से 2 घंटे बिजली मिल पा रही है। उन्होंने घरेलू बिजली आपूर्ति में भी अघोषित कटौती का आरोप लगाते हुए सरकार से दूसरे स्थानों से बिजली खरीदकर किसानों और आम जनता को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है।
किसानों को 10 घंटे की जगह 2 घंटे बिजली मिलने का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी पोस्ट में कहा कि मध्य प्रदेश का किसान गंभीर बिजली संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से किसानों को प्रतिदिन 10 घंटे बिजली देने का वादा किया गया था, लेकिन वास्तविकता में उन्हें मुश्किल से 2 घंटे बिजली मिल पा रही है।कमलनाथ ने सवाल उठाया कि जब किसानों को पर्याप्त बिजली ही नहीं मिलेगी, तो वे खेती-किसानी का काम कैसे कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि बिजली की कमी से किसानों को कृषि कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
घरेलू बिजली कटौती को लेकर भी सरकार पर निशाना
कमलनाथ ने घरेलू बिजली आपूर्ति में भी अघोषित कटौती होने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर 10-10 घंटे तक बिजली कटौती से आम जनता परेशान है।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली संकट का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने बिजली आपूर्ति की स्थिति को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
भाजपा सरकार पर समस्या स्वीकार नहीं करने का आरोप
कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार समस्या का समाधान करने के बजाय उसे स्वीकार करने से भी बच रही है। उन्होंने कहा कि बिजली संकट जैसी समस्या का समय रहते समाधान किया जाना चाहिए, ताकि किसानों और आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
दूसरे राज्यों से बिजली खरीदने की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार से मांग की कि बिजली की कमी को दूर करने के लिए अन्य जगहों से बिजली खरीदी जाए। उन्होंने कहा कि जरूरत के समय किसानों और आम जनता को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।कमलनाथ ने जोर दिया कि किसानों को खेती के लिए और घरेलू उपभोक्ताओं को रोजमर्रा के कामों के लिए निर्बाध बिजली मिलनी चाहिए।