पन्ना जिले से सामने आया मडला थाना का यह मामला सिर्फ जबरन वसूली का आरोप नहीं, बल्कि वर्दी के भरोसे पर लगा ऐसा दाग है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। जिन कंधों पर कानून की रक्षा और जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उन्हीं पर अब भय दिखाकर वसूली करने के गंभीर आरोप लगे हैं। रीवा निवासी एक आम नागरिक से कथित रूप से गांजा मामले में फंसाने की धमकी देकर 95 हजार रुपए लेने का आरोप पुलिस व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। हालांकि, इस पूरे मामले में पन्ना पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू की निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई ने यह साफ कर दिया कि कानून के सामने वर्दी का रुतबा नहीं, बल्कि सच और न्याय सबसे ऊपर है।
धमकी, वसूली और वर्दी पर सवाल
रीवा निवासी शंकर लाल सोनी ने शिकायत में आरोप लगाया कि बागेश्वर धाम से लौटते समय मडला क्षेत्र में कुछ लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उनकी गाड़ी में गांजा होने की बात कही और थाने ले जाने की धमकी दी। पीड़ित के अनुसार डर और दबाव के बीच उनसे 95 हजार रुपए ले लिए गए। मामले की जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर थाना प्रभारी सहित चार लोगों पर BNS की गंभीर धारा 308(6) के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसने पूरे प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है।
एसपी की सख्ती से बढ़ा जनता का भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पन्ना पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने तत्काल जांच करवाई और दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों को पहले निलंबित किया गया, फिर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। इस सख्त कदम ने यह संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं, चाहे वह वर्दी में ही क्यों न हो। पन्ना पुलिस की इस निष्पक्ष कार्रवाई की प्रदेशभर में चर्चा हो रही है और लोग इसे पुलिस विभाग में जवाबदेही की बड़ी मिसाल मान रहे