भोपाल।मध्यप्रदेश में अग्निवीरों के लिए वर्दीधारी सेवाओं में आरक्षण को लेकर नई तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार पुलिस समेत छह विभागों में अग्निवीरों के लिए 20% क्षैतिज आरक्षण देने के प्रस्ताव पर काम कर रही है।
6 विभागों में लागू करने की तैयारी
प्रस्तावित व्यवस्था का लाभ पुलिस, जेल, वन, आबकारी, परिवहन और होमगार्ड जैसे वर्दीधारी विभागों की भर्तियों में देने की तैयारी बताई जा रही है। आरक्षण हॉरिजॉन्टल प्रकृति का होगा, यानी संबंधित श्रेणियों के भीतर पात्र अग्निवीरों को इसका लाभ दिया जा सकेगा।
पहले 10% आरक्षण का था प्रस्ताव
इससे पहले सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से करीब 10% आरक्षण का प्रस्ताव तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसमें अलग-अलग विभागों के मौजूदा होमगार्ड और पूर्व सैनिक कोटे में बदलाव करके अग्निवीरों के लिए जगह बनाने का प्रस्ताव था।
पुलिस के सामान्य आरक्षक पदों पर होमगार्ड का कोटा 15% से घटाकर 10% और पूर्व सैनिकों का कोटा 10% से घटाकर 7.5% करने के साथ अग्निवीरों के लिए 7.5% आरक्षण का प्रस्ताव था। वहीं वनरक्षक और जेल प्रहरी पदों पर होमगार्ड के 30% कोटे को घटाकर 20% कर 10% पद अग्निवीरों के लिए रखने की बात सामने आई थी।
पहले बैच की सेवा पूरी होने का समय करीब
अग्निवीरों का पहला बैच दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच चार साल की सेवा पूरी करेगा। इसी वजह से राज्य में अग्निवीरों को वर्दीधारी सेवाओं में समायोजित करने की नीति को लेकर तैयारियां तेज होने की बात सामने आई है।जनवरी-फरवरी 2027 के दौरान संबंधित भर्तियां शुरू किए जाने की संभावना बताई गई है।
नए ड्राफ्ट के बाद कैबिनेट से मंजूरी
अब सरकार प्रस्तावित आरक्षण व्यवस्था पर नए सिरे से ड्राफ्ट तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। संशोधित प्रस्ताव तैयार होने के बाद इसे कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया होगी।फिलहाल 20% आरक्षण की व्यवस्था अंतिम रूप से लागू नहीं हुई है। इसलिए अग्निवीर अभ्यर्थियों के लिए अंतिम प्रतिशत और विभागवार कोटा सरकार के अंतिम निर्णय और जारी होने वाले नियमों के बाद ही स्पष्ट होगा।