भोपाल: मध्यप्रदेश में वर्ष 2027 की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) पहली बार अतिथि शिक्षकों को भी बोर्ड परीक्षा में पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश में करीब 70 हजार अतिथि शिक्षकों की सेवाएं परीक्षा संचालन के लिए ली जा सकती हैं। यह फैसला बोर्ड परीक्षाओं और राष्ट्रीय जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तारीखों में टकराव की आशंका के बीच लिया जा रहा है। मंडल ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों से नियमित तथा अतिथि शिक्षकों का डाटा मांगा है।
70 हजार अतिथि शिक्षकों की परीक्षा में लगेगी ड्यूटी
मध्यप्रदेश में अब तक बोर्ड परीक्षाओं के संचालन में मुख्य रूप से नियमित शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती रही है। लेकिन वर्ष 2027 में शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर संभावित चुनौती को देखते हुए माशिमं अतिथि शिक्षकों की सेवाएं लेने की तैयारी कर रहा है।इसके लिए सभी जिलों को अतिथि शिक्षकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलों से ई-मेल के माध्यम से निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदेश में करीब 70 हजार अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं।जरूरत के मुताबिक इनकी परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि बोर्ड परीक्षाओं के संचालन में पर्यवेक्षकों की कमी न हो।
जनगणना और बोर्ड परीक्षा की तारीखों में टकराव
वर्ष 2027 में राष्ट्रीय जनगणना के दूसरे चरण का फील्ड वर्क फरवरी और मार्च में प्रस्तावित है। इसी अवधि में मध्यप्रदेश की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं भी आयोजित की जानी हैं।जनगणना के काम में बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगने के कारण बोर्ड परीक्षाओं के लिए पर्याप्त पर्यवेक्षक उपलब्ध कराने की चुनौती सामने आ सकती है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है।मंडल का उद्देश्य है कि जनगणना का काम और बोर्ड परीक्षाएं, दोनों प्रभावित न हों।
बोर्ड परीक्षा के लिए करीब ढाई लाख शिक्षकों की जरूरत
मध्यप्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के संचालन के लिए करीब ढाई लाख शिक्षकों की आवश्यकता बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदेश में कुल 2,05,000 नियमित शिक्षक हैं। इनमें से 94,660 शिक्षक जनगणना के पहले चरण की ड्यूटी में शामिल रहे हैं।ऐसे में परीक्षा व्यवस्था के लिए उपलब्ध शिक्षकों की संख्या और जरूरत के बीच संतुलन बनाना जरूरी होगा। स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के नियमित शिक्षकों के साथ अतिथि शिक्षकों की उपलब्धता का भी आंकलन किया जा रहा है।माशिमं ने जिलों को निर्देश दिए हैं कि जनगणना के कार्य को प्रभावित किए बिना बोर्ड परीक्षाओं की ड्यूटी तय करने की कार्ययोजना तैयार की जाए।
MP Board Exam 2027: महत्वपूर्ण तारीखें
12वीं की मुख्य परीक्षा
17 फरवरी – 19 मार्च 2027
10वीं की मुख्य परीक्षा
24 फरवरी – 18 मार्च 2027
जनगणना का दूसरा चरण
फरवरी 2027 और 1 से 5 मार्च 2027 के बीच फील्ड वर्क प्रस्तावित
जनगणना मास्टर ट्रेनिंग
जनवरी 2027 में प्रस्तावित
जिला कलेक्टरों और DEO से मांगा गया शिक्षकों का डाटा
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को नियमित शिक्षकों तथा अतिथि शिक्षकों की उपलब्धता का पूरा डाटा तैयार करने के निर्देश दिए हैं।जिलों को शिक्षकों की जानकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर ई-मेल से भेजनी होगी। इस डाटा के आधार पर परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षकों की तैनाती की योजना बनाई जाएगी।मंडल की कोशिश है कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही सभी जिलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए, ताकि अंतिम समय में परीक्षा संचालन को लेकर कोई परेशानी न हो।
माशिमं सचिव ने क्या कहा?
माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव के अनुसार, 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं तथा जनगणना के काम में बेहतर समन्वय बनाए रखने के लिए शासन स्तर से निर्देश मिले हैं।उन्होंने बताया कि इस बार अतिथि शिक्षकों को भी परीक्षा ड्यूटी में लगाया जाएगा और इसके लिए डाटा तैयार किया जा रहा है। उपलब्ध शिक्षकों के आधार पर परीक्षा संचालन की व्यवस्था बनाई जाएगी।