भोपाल: मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नगरीय निकायों की खरीदी प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं और उन पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए।
बैठक के बाद सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि नगरीय विकास विभाग में खरीदी प्रक्रिया से जुड़ी गड़बड़ियों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया गया। इसके आधार पर पिछले छह महीनों में 201 प्रकरणों में 392 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों और अनियमितताओं की जांच सतर्कता से की जाए और जहां गड़बड़ी सामने आए, वहां नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
छह महीने में 201 मामलों में 392 अफसर-कर्मियों पर कार्रवाई
कैबिनेट बैठक के बाद MSME मंत्री चैतन्य काश्यप ने कार्रवाई से जुड़े आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि नगरीय विकास विभाग की खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ियों की पहचान के लिए AI तकनीक की मदद ली गई।इस प्रक्रिया के आधार पर पिछले छह महीनों में 201 प्रकरणों में 392 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी रोकने के लिए AI का इस्तेमाल
नगरीय निकायों की खरीदी प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं की पहचान के लिए AI तकनीक का उपयोग किया गया। इस तकनीक के जरिए खरीदी से जुड़े मामलों की जांच और गड़बड़ियों को चिह्नित करने में मदद ली गई।सरकार की ओर से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, इस प्रक्रिया के बाद बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।