श्योपुर (मध्य प्रदेश): 'प्रोजेक्ट चीता' (Project Cheetah) की सफलता में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में दो मादा चीतों को खुले जंगल में रिलीज किया। ये दोनों मादा चीतें उन 9 चीतों के दल का हिस्सा हैं, जिन्हें फरवरी 2026 में बोत्सवाना (Botswana) से भारत लाया गया था।
क्वारंटीन के बाद मिली आजादी
बोत्सवाना से लाए गए 9 चीतों में 6 मादा और 3 नर शामिल हैं। सफल क्वारंटीन और अनुकूलन (Adaptation) प्रक्रिया पूरी करने के बाद आज दो मादा चीतों को बड़े बाड़े से निकालकर प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया। इस रिलीज के साथ ही भारत में अब चीतों की कुल संख्या 57 हो गई है।
मुख्यमंत्री का संबोधन
इस अवसर पर डॉ. मोहन यादव ने कहा, "हमने सह-अस्तित्व की भावना व्यक्त करते हुए दोनों मादा चीतों को प्रकृति के साथ स्वतंत्र रूप से जीने के लिए खुले जंगल में छोड़ दिया है। मैं श्योपुर और चंबल क्षेत्र के लोगों को बधाई देता हूं। इन चीतों का आवास अब 5,000 वर्ग किमी तक फैल गया है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि वे अब हमारे साथ परिवार की तरह रहने लगे हैं।" मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि अब तो पता भी नहीं चलता कि कब हमारे चीते दौड़ते हुए राजस्थान की सीमा तक पहुंच जाते हैं।
प्रोजेक्ट चीता के तीन साल: सफ़र अब तक
सितंबर 2022: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामीबिया से लाए गए 8 चीतों के साथ कूनो में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी।
फरवरी 2023: दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए।
फरवरी 2026: बोत्सवाना से 9 चीतों का तीसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय बैच भारत पहुंचा।
विशेषज्ञों का मानना है कि बोत्सवाना से आए चीतों से भारत में जेनेटिक विविधता (Genetic Diversity) बढ़ेगी, जिससे चीतों की आबादी स्वस्थ और मजबूत होगी। आने वाले समय में कूनो के अलावा गांधी सागर और नौरदेही अभयारण्यों में भी चीतों को बसाने की योजना है।