भोपाल : मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। वर्ष 2026 में पुलिस विभाग के 9,662 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई है। भोपाल में आयोजित नवीन भर्ती एवं पदोन्नति आभार समारोह में डीजीपी कैलाश मकवाना ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न संवर्गों में 14,704 अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है, जबकि 9,751 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया फिलहाल जारी है।
पुलिस विभाग में हजारों पदों पर भर्ती की तैयारी
डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि वर्ष 2026 में 9,662 पदों पर भर्ती की मंजूरी मिली है। विभिन्न संवर्गों में 14,704 अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। पुलिस बैंड और FSL से जुड़ी भर्तियां अगले चरण में की जाएंगी। विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
20 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी बिना प्रमोशन हुए रिटायर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विभागीय और तकनीकी कारणों से लंबे समय तक पुलिसकर्मियों की पदोन्नति अटकी रही। उन्होंने बताया कि 20 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात का मलाल है कि कई पुलिसकर्मियों को सेवाकाल के दौरान प्रमोशन नहीं मिल सका। अब पदोन्नति का रास्ता खोल दिया गया है।
27,534 पुलिसकर्मियों को मिली पदोन्नति
मुख्यमंत्री ने बताया कि जुलाई 2026 में पुलिस विभाग के 58 संवर्गों के 27,534 अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। इनमें 30 रक्षित निरीक्षक भी शामिल हैं, जिन्हें पदोन्नति देकर उप पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। सरकार का कहना है कि पदोन्नति से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
MP में SISF की 3 नई बटालियन बनेंगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल यानी SISF की तीन नई बटालियन गठित करने की घोषणा की। इनमें एक बटालियन खंडवा में बनाई जाएगी, जबकि अन्य दो बटालियनों के स्थान बाद में तय किए जाएंगे। इसके साथ ही SISF में बैगा, भारिया और सहरिया समुदायों के लिए अलग-अलग कंपनियां गठित करने की बात भी कही गई है।
8 साल से SI और सूबेदार की भर्ती नहीं हुई थी
डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि दिसंबर 2024 में पदभार संभालने के बाद हुई समीक्षा में पुलिस विभाग में करीब 20 हजार पद खाली मिले थे। उन्होंने कहा कि सब इंस्पेक्टर और सूबेदार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर करीब आठ साल से भर्ती नहीं हुई थी। रिक्तियों का असर कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर पड़ रहा था। भर्ती नियमों से जुड़ी आपत्तियों का समाधान कर प्रक्रिया दोबारा शुरू कराई गई।
नक्सल मोर्चे के लिए भी सैकड़ों नए पद मंजूर
डीजीपी ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंजूरी से हॉक फोर्स में 325 और विशेष सहयोगी दस्ते में 882 पद स्वीकृत किए गए हैं। इन नई नियुक्तियों से नक्सल विरोधी अभियान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि पुलिस बल को मजबूत करने के लिए भर्ती, पदोन्नति और नए पदों की स्वीकृति की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।