भोपाल। मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग की स्वैच्छिक स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त हो गई है। इस बार प्रदेश के करीब 1.5 लाख शिक्षकों में से केवल करीब 11,500 शिक्षकों ने स्वैच्छिक तबादले के लिए आवेदन किया है। सबसे अधिक आवेदन भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों के लिए प्राप्त हुए हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आवेदन संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। विभाग का मानना है कि नई स्थानांतरण नीति और पात्रता से जुड़े कड़े नियमों के कारण आवेदन कम आए हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष लगभग 35 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे।
28 से 30 जून के बीच जारी होंगे आदेश
स्कूल शिक्षा विभाग अब स्वैच्छिक और प्रशासनिक स्थानांतरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुट गया है। विभाग के अनुसार स्वैच्छिक स्थानांतरण के पदस्थापना आदेश 28 से 30 जून के बीच जारी किए जाएंगे।
नई नीति और पोर्टल की खामियां बनीं वजह
शिक्षकों का कहना है कि इस वर्ष लागू की गई स्थानांतरण नीति में स्वैच्छिक तबादलों के लिए कई नई शर्तें जोड़ दी गई हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में शिक्षक आवेदन करने से वंचित रह गए। विभाग ने प्रशासनिक और स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए अलग-अलग नियम निर्धारित किए हैं। प्रशासनिक तबादलों में अपेक्षाकृत कम प्रतिबंध हैं, जबकि स्वैच्छिक स्थानांतरण में पात्रता संबंधी शर्तों के कारण कई शिक्षक आवेदन नहीं कर पाए। इसके अलावा ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता को भी आवेदन कम होने का एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
शिक्षा विभाग ने हाईकोर्ट में दायर की केवियट
शासकीय शिक्षक संगठन, मध्यप्रदेश के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि स्थानांतरण नीति-2026 में कई तकनीकी और व्यावहारिक विसंगतियां हैं। उनके अनुसार पोर्टल पर कई शिक्षकों की सेवा संबंधी जानकारी गलत दिखाई गई, पात्र शिक्षकों को अपात्र बताया गया और रिक्त पदों की जानकारी भी पूरी पारदर्शिता के साथ उपलब्ध नहीं कराई गई।
इधर, स्थानांतरण आदेश जारी होने से पहले ही स्कूल शिक्षा विभाग ने संभावित कानूनी चुनौतियों को देखते हुए हाईकोर्ट में केवियट दायर कर दी है। विभाग को आशंका है कि स्थानांतरण आदेशों के खिलाफ शिक्षक न्यायालय का रुख कर सकते हैं। ऐसे में किसी भी याचिका पर सुनवाई से पहले विभाग का पक्ष भी सुना जा सके, इसके लिए यह कदम उठाया गया है।
आवेदन की तारीख बढ़ाने की संभावना नहीं
लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ने स्पष्ट किया है कि स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है और अब इसे आगे बढ़ाने की कोई संभावना नहीं है।