इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक 2 से 4 नवंबर तक इंदौर में आयोजित होगी। बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा, संगठन के विस्तार, संगठनात्मक संरचना में प्रस्तावित बदलाव और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक से पूर्व शनिवार को संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विजयादशमी 2025 से विजयादशमी 2026 तक शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम और सामाजिक उपक्रम आयोजित किए गए। बैठक में इन कार्यक्रमों के अनुभवों और उपलब्धियों की समीक्षा के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होगी।
देशभर से 408 कार्यकर्ता होंगे शामिल
इंदौर में आयोजित इस बैठक में देशभर के लगभग 408 कार्यकर्ता अपेक्षित हैं। इनमें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सहसरकार्यवाह, कार्यविभागों के प्रमुख और अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त संघ के 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों के संघचालक, सहसंघचालक, कार्यवाह, सहकार्यवाह, प्रचारक एवं सहप्रचारक भी बैठक में सहभागिता करेंगे।

देशभर में 1,01,151 दैनिक शाखाओं का संचालन
संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि वर्तमान में देशभर में संघ की 1,01,151 दैनिक शाखाएं संचालित हो रही हैं। साप्ताहिक मिलन और अन्य गतिविधियों को मिलाकर संघ का कार्य लगभग 1,10,849 स्थानों तक पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष अक्टूबर की तुलना में 13 हजार से अधिक नई दैनिक शाखाएं प्रारंभ हुई हैं। बैठक में शताब्दी वर्ष से पहले बनाई गई तीन वर्षीय कार्य विस्तार योजना की उपलब्धियों और अनुभवों की समीक्षा की जाएगी।
शताब्दी वर्ष में देशभर में हुए 65,660 हिंदू सम्मेलन
शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में 65,660 हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया गया। शहरी क्षेत्रों में बस्ती स्तर पर और ग्रामीण क्षेत्रों में मंडल स्तर पर आयोजित इन सम्मेलनों में समाज की व्यापक सहभागिता रही। इसके साथ ही गृह संपर्क अभियान में भी लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संघ का प्रयास है कि समाज की विभिन्न संस्थाओं और संगठनों द्वारा शुरू किए जाने वाले समाजहित के कार्यों में स्वयंसेवक अपने अनुभव के आधार पर सहयोग करें।
महिलाओं और युवाओं की सहभागिता पर रहेगा फोकस
शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में महिलाओं की सहभागिता उल्लेखनीय रही। गृह संपर्क अभियान, प्रमुख जन गोष्ठियों और हिंदू सम्मेलनों में महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी की। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों, विश्वविद्यालय परिसरों और अन्य स्थानों पर युवाओं एवं युवतियों के लिए आयोजित कार्यक्रमों में भी अच्छी सहभागिता रही। बैठक में युवाओं की आकांक्षाओं, देश और समाज से जुड़े मुद्दों तथा उनके सुझावों के आधार पर आगामी कार्यक्रमों की दिशा तय करने पर विचार होगा।
संगठनात्मक संरचना में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया पर मंथन
अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में संघ की संगठनात्मक संरचना में प्रस्तावित परिवर्तनों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके बाद मार्च में नागपुर में होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा से पहले जिला, विभाग, प्रांत और क्षेत्र स्तर पर संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसी क्रम में मार्च में सरकार्यवाह का निर्वाचन भी होगा। संगठनात्मक विषयों के साथ समाज जागरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी आगामी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए चलेगा जनजागरण अभियान
बैठक में नशीले पदार्थों के बढ़ते चलन पर विशेष चर्चा होगी। सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाओं के सहयोग से विशेषकर युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की योजना बनाई जाएगी। इस अभियान के माध्यम से युवाओं में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने पर विचार होगा।
वैश्विक संवाद और संत रविदास की 650वीं जयंती की समीक्षा
शताब्दी वर्ष के दौरान सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के अमेरिका, कनाडा और इंग्लैंड प्रवास के दौरान हुए वैश्विक संवादों की भी समीक्षा की जाएगी। इन संवादों में भारत के चिंतन, हिंदुत्व की सही समझ और विश्व कल्याण में भारत की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी। बैठक में इन विषयों पर वैश्विक स्तर पर संवाद को आगे बढ़ाने की रणनीति पर विचार होगा। इसके साथ ही संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा और आगामी आयोजनों की योजना भी बनाई जाएगी।
पंच परिवर्तन के माध्यम से सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की योजना
शताब्दी वर्ष के दौरान संघ ने पंच परिवर्तन के पांच प्रमुख विषयों को समाज तक पहुंचाने के प्रयास किए हैं। इनमें सामाजिक समरसता, पर्यावरण के अनुरूप जीवनशैली, कुटुंब प्रबोधन, स्व का बोध और नागरिक कर्तव्य शामिल हैं। बैठक में समाज की विभिन्न संस्थाओं और संगठनों के साथ मिलकर इन पांच विषयों पर नए कार्यक्रम और अभियान चलाने की योजना पर विचार-विमर्श होगा।
4 नवंबर को सरकार्यवाह देंगे बैठक के निष्कर्षों की जानकारी
बैठक के अंतिम दिन 4 नवंबर को सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले पत्रकार वार्ता करेंगे। इसमें बैठक के दौरान हुए विचार-विमर्श, कार्यक्रमों की समीक्षा और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही वे पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर भी देंगे।
नई तकनीक का विरोध नहीं, उसके उचित उपयोग पर जोर : सुनील आंबेकर
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सुनील आंबेकर ने कहा कि शताब्दी वर्ष में संघ का चिंतन इस बात पर केंद्रित रहा कि हिंदुत्व क्या है, भारत क्या है, भविष्य में भारत को किस दिशा में आगे बढ़ना है और समाज में भ्रम उत्पन्न करने वाले तत्व कौन से हैं। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर सही समझ विकसित करने और भ्रम से मुक्त होने के लिए निरंतर संवाद आवश्यक है। नई तकनीक के संबंध में उन्होंने कहा कि संघ किसी भी नई टेक्नोलॉजी का विरोध नहीं करता, लेकिन मनुष्य के नाते यह विचार करना जरूरी है कि उसका उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है। संघ इस विषय में समाज में जागरूकता लाने का कार्य करता रहेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 100 वर्षों से संघ और हिंदुत्व के विचार पर निरंतर विमर्श होता रहा है। संघ इस विमर्श के लिए खुला है और सरसंघचालक से लेकर संगठन के सभी प्रमुख पदाधिकारी ऐसे संवाद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।