असम (Assam) के नए साल पर आयोजित होने वाले रोंगाली उत्सव के अवसर पर बिहू लोक नृत्य और पारंपरिक संगीत को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। गुरुवार (13 अप्रैल) को गुवाहाटी के सुरसजाई स्टेडियम में बिहू नर्तकियों और ढोल वादकों ने प्रस्तुति दी थी। बिहू कलाकारों ने दो अलग-अलग विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं।
सीएम हिमंत भी थे मौजूद
पहला रिकॉर्ड एक स्थान पर सबसे बड़े जातीय नृत्य प्रदर्शन से संबंधित है, जबकि दूसरा रिकॉर्ड एक स्थान पर सबसे बड़े पारंपरिक संगीत प्रदर्शन से संबंधित है। असम (Assam) के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनके कैबिनेट मंत्री अशोक सिंघल दोनों ने इसके बारे में ट्वीट कर जानकारी दी। विश्व कीर्तिमान रचने के मौके पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी स्टेडियम में मौजूद थे।
We have vied for two world records today in Sarusajai:
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) April 13, 2023
✅ 11,304 dancers and drummers performed Bihu, a feat never achieved before today
✅ 2548 dhulias performed breaking the earlier world record of 1356 dhols
Great work Team Assam!
(2/2) pic.twitter.com/pen4iYD2lt
थिरकते हुए नजर आए सीएम हिमंत
सीएम सरमा ने खुशी बयां करते हुए ट्वीट में कहा, "हमने आज सरुसाजई में दो विश्व रिकॉर्ड के लिए प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। 11,304 डांसर्स और ड्रमर्स ने बिहू परफॉर्म किया, जो आज से पहले कभी नहीं हुआ। 2548 धुलिया ने 1356 ढोल के पुराने विश्व रिकॉर्ड को तोड़ते हुए प्रदर्शन किया। ग्रेट वर्क टीम असम!" सीएम सरमा के कार्यालय से किए गए एक ट्वीट में मुख्यमंत्री थिरकते हुए भी नजर आए।
Assam’s beloved Chief Minister at today’s program in Sarusajai Stadium.
— Office of HBS (@OfficeofHBS) April 13, 2023
Watch the incredible passion and dedication.@himantabiswa pic.twitter.com/9lGxzbkYj7
Assam पहुंचे पीएम मोदी
इससे पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी याद किया। उन्होंने लिखा, "आदरणीय प्रधानमंत्री के असम दौरे की पूर्व संध्या पर आज के मेगाबिहू रिहर्सल की यादगार झलकियां साझा कर रहा हूं। ऐसा लगता है कि हमने आज गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बना ली है।" 14 अप्रैल यानी आज के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के लिए असम पहुंचेंगे। बिहू कलाकार लंबे समय से इस कार्यक्रम के लिए अभ्यास कर रहे थे। कलाकारों को इसमें शामिल करने के लिए राज्यभर में ऑडिशन किए गए थे।
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