चंडीगढ़: हरियाणा के कैथल में चुनाव आयोग (Loksabha Election 2024) की ओर से इस बार 85 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को घर पर ही मतदान कराने का फैसला लिया गया है। इसी के तहत 17 और 18 मई को जिले में प्रशासन ने बैलेट पेपर के माध्यम से वोट डलवाए थे। लेकिन इसी बीच पेटी सील न करने को लेकर हुआ विवाद अब बढ़ गया है। बता दें कि इस प्रक्रिया के दौरान AAP के शिक्षा प्रकोष्ठ के राज्य उपाध्यक्ष सतबीर ने अपनी टीम सहित पहुंच गांव कुतुबपुर में घर पर वोट डलवाने गई टीम पर मतपेटी को सील न करने का आरोप लगाया था। मामले में पुलिस जांच कर रही है। लेकिन अभी आरोपी नेता की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि कैथल में 17 और 18 मई को होम पोलिंग के दिशा निर्देशानुसार टीमें गठित कर वोट डलवाने की प्रकिया शुरू की गई। इसमें पोलिंग पार्टी-4 के अधिकारी व कर्मचारी वोट डलवाने की प्रक्रिया पूरी कर रहे थे। कैथल विधानसभा के ARO सुशील कुमार ने बताया कि इसी दौरान एक व्यक्ति ने आकर ऐतराज जताया कि आपने स्टील बैलेट बॉक्स पर सील नहीं लगाई है। जिस लिफाफे में वोट डाला गया है, उसे भी सील नहीं किया गया है। इस प्रकार वोट को कोई भी चोरी कर सकता है। उसने अपने संदेश की वीडियो ग्राफी की। हालांकि, मतदाता ने वोट डालने पर कोई ऐतराज नहीं किया।
वीडियो से हुई पहचान
शिकायत में बताया गया कि वीडियोग्राफी के माध्यम से पता चला है कि ऐतराज जताने वाला व्यक्ति सतबीर गोयत है। उसने लोगों को प्रशासन और उसकी प्रक्रिया के प्रति उकसाने का काम किया है, सरकारी कार्य में बाधा डाली है। बाद में गांव वालों ने पोलिंग पार्टी को बाकी 2 वोट डालने से मना कर दिया। पोलिंग पार्टी को मारने-पीटने की धमकी देकर गांव से निकाल दिया गया। उन्होंने बताया कि 85 वर्ष से अधिक आयु के एवं 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग मतदाताओं को घर पर ही मतदान करने की प्रक्रिया आयोग की हिदायतानुसार सुनिश्चित की गई है। वोटिंग के दौरान पूरी गोपनीयता रखी गई है और वोटिंग प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई गई है। आयोग द्वारा बैलेट बॉक्सेज की सीलिंग के बारे में कोई निर्देश नहीं हैं।
नहीं बदला जा सकता बैलेट पेपर
ARO ने बताया कि बैलेट पेपर (Loksabha Election 2024) पर एक यूनिक नंबर होता है। वही नंबर बैलेट पेपर के काउंटर फाइल और लिफाफे (जिसमें बैलेट पेपर डाला जाता है) पर भी लिखा होता है। इसलिए, इसे किसी भी स्तर पर बदला नहीं जा सकता। गिनती के दौरान उक्त नंबर का मिलान न होने पर उस बैलेट पेपर को रद्द कर दिया जाता है। इसलिए, बैलेट पेपर बदलने का सवाल ही पैदा नहीं होता। कैथल सदर थाना के जांच अधिकारी SI सुरेश ने बताया है कि आम आदमी पार्टी के शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष सतबीर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आगामी जांच की जा रही है।
चुनाव के इतिहास में पहली बार हो रहा ऐसा
इस घटना को लेकर AAP के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने सोमवार को चुनावी कार्यालय में प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रह है कि चुनाव आयोग भी आम आदमी पार्टी के खिलाफ एक उम्मीदवार बनकर चुनाव मैदान में खड़ा है। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं कि अभी तक की परंपरा के मुताबिक यदि चुनाव आयोग को उसकी किसी कमी के बारे में आगाह किया जाए तो उस प्रक्रिया में तुरंत सुधार किया जाता है। चुनाव के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि जिसने चुनाव आयोग की कमी को उजागर किया उसी व्यक्ति के खिलाफ चुनाव आयोग ने FIR करवाई है।
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