पीएम मोदी ने गोवा में G-20 के पर्यटन मंत्रियों की बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कहा कि, आतंकवाद बांटता है, लेकिन पर्यटन जोड़ता है। पर्यटन से सौहार्दपूर्ण समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि, भारत यात्रा सिर्फ खूबसूरत दृश्य देखने से नहीं जुड़ी, बल्कि एक अलौकिक अनुभव है। हमने बीते 9 वर्षों में पर्यटन क्षेत्र के विकास पर खास जोर दिया है, इसे हमारे सुधारों के केंद्र में रखा है। वहीं पीएम ने आगे कहा कि, हमें नवाचार के लिए AI एवं ऑगमेंटिड रियलिटी जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का व्यापक इस्तेमाल करना चाहिए।
पर्यटन के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है
पीएम मोदी ने कहा कि, भारत की G-20 की मेजबानी की थीम वसुधैव कुटुम्बकम् 'वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर' वैश्विक पर्यटन का आदर्श बन सकता है। हमारा लक्ष्य सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना एवं पर्यटन के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि, वाराणसी में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के बाद पर्यटकों के आंकड़े में 10 गुणा की वृद्धि हुई है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने निर्माण के एक साल के अंदर 27 लाख पर्यटक पहुंचे हैं।
हमारा लक्ष्य हमारी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना है
पीएम ने कहा कि, G-20 की मेजबानी के चलते हम तकरीबन 200 से ज्यादा बैठकों का आयोजन देश में 100 अलग-अलग जगह पर कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य हमारी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण एवं पर्यटन क्षेत्र के लिए विश्व स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना है। उन्होंने इस बैठत में आगे कहा कि, हम हरित पर्यटन, डिजिटलीकरण, कौशल विकास, पर्यटन MSME एवं गंतव्य प्रबंधन के 5 परस्पर क्षेत्रों पर काम कर रहे हैं। यह हमारी प्राथमिकता को दर्शाता है। हमें इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए।
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