वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज यानी 1 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अंतरिम बजट पेश किया। अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए यह अंतरिम बजट है। इस बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चार जातियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वित्त मंत्री ने संसद में पेश बजट के दौरान कहा कि गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों की आवश्यकताएं, आकांक्षाएं और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बेहतर बनाने के प्रयास में सरकारी सहायता की आवश्यकता है
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार चार प्रमुख जातियों- ‘गरीब’, ‘महिलाएं’, ‘युवा’ और ‘अन्नदाता’ के विकास पर ध्यान केंद्रित करने पर विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि उनकी आवश्यकताएं, उनकी आकांक्षाएं और उनका कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति तब होती है जब इन चारों जातियों से जुड़े लोग प्रगति करते हैं। इन चारों जातियों के लोगों को अपने जीवन को बेहतर बनाने के प्रयास में सरकारी सहायता की आवश्यकता है और उन्हें सरकारी सहायता मिल भी रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके सशक्तीकरण से और उनके कल्याण से देश आगे बढ़ेगा।
सरकार परिव्यय की चिंता न करके परिणामों पर जोर देती है
वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के लिए सामाजिक न्याय एक प्रभावी और आवश्यक शासन पद्धति है। उन्होंने आगे बताया कि भ्रष्टाचार में कमी से पारदर्शिता आई है और सभी पात्र लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि कैसे प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण सफल हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार परिव्यय की चिंता न करके परिणामों पर जोर देती है। सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार सर्वांगीण, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी विकास के दृष्टिकोण से 2047 तक भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें लोगों की क्षमता में वृद्धि करनी होगी और उन्हें सशक्त बनाना होगा।
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