बारिश ने सिक्किम में काफी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। सिक्किम में लैंड स्लाइड से आज सुबह भारी तबाही मची। मिली जानकारी के अनुसार, भूस्खलन से अब तक 9 लोगों की मौत होने की खबर है। वहीं 2000 टूरिस्ट फंसे हुए हैं। आपको बता दें कि, पिछले 3 दिन से सिक्किम के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। भूस्खलन और बाढ़ में कई घर और सड़कें बह गई हैं। खबरों की मानें तो सबसे ज्यादा तबाही सिक्किम के मंगन जिले में हुई है। यहां एक दिन में 220 मिमी से ज्यादा बारिश हो चुकी है।
बाढ़ से संगकालांग पुल भी गुरुवार दोपहर को ढह गया
बाढ़ से संगकालांग पुल भी गुरुवार दोपहर को ढह गया। इससे दजोंगू, चुंगथांग, लाचेन और लाचुंग से संपर्क टूट गया है। इन इलाकों में अब न फोन कनेक्टिविटी है और न ही रोड। बिजली के खंभे भी बह गए हैं। दक्षिण सिक्किम में तीस्ता नदी उफान पर है। पिछले साल उत्तरी सिक्किम में एक हिमनद झील के फटने से अचानक आई बाढ़ में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
कई इलाकों में मुख्य सड़कें क्षतिग्रस्त
राज्य के कई इलाकों में भूस्खलन के कारण कई सड़कें डैमेज हो गईं हैं और वहां ट्रैफिक बाधित है। इसके साथ ही कई घरों को भारी नुकसान पहुंचा है और मंगन के कई इलाकों में बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। जिला मुख्यालय मंगन की ओर जाने वाली सड़क कट गई है। वहीं जिला मैजिस्ट्रेट हेम कुमार छेत्री ने बताया है कि, लाचेन और लाचुंग जैसे स्थानों पर दो हजार से अधिक पर्यटक फंसे हुए हैं, लेकिन वे सभी सुरक्षित हैं।
सीएम कार्यालय की तरफ से जारी एक बयान
वहीं सीएम कार्यालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि, सिक्किम सरकार ने राहत और बुनियादी जरूरतें मुहैया कराने के लिए अहम कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि, पीड़ितों और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता मुहैया कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें रिकवरी हेल्प, अस्थायी बंदोबस्त और बुनियादी जरूरतों का प्रावधान शामिल है।
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