नई दिल्ली. आठवें वेतन आयोग की बेंगलुरु मीटिंग खत्म हो चुकी है। अब आयोग की अगली बैठक मुंबई में होगी। यह मीटिंग 22 अक्टूबर से शुरू हो रही है। इन सबके बीच वेतन आयोग का 11 महीने का समय भी करीब बीत चुका है। इस दौरान आयोग के सामने जो कुछ बड़े मुद्दे उभर कर आए उनमें फिटमेंट फैक्टर भत्ता पेंशन आदि से जुड़ा हुआ है। कर्मचारी संगठन अपनी मांगें आयोग के समक्ष रख रहे हैं। आयोग विभिन्न हितधारकों से सुझाव ले रहा है। रिपोर्ट मई 2027 तक जमा करनी है जिसके बाद कैबिनेट फैसला करेगा। तब जाकर नया वेतनमान प्रभावी होगा।
फिटमेंट फैक्टर पर सबसे अधिक चर्चा
सबसे अधिक चर्चा आयोग से फिटमेंट फैक्टर को लेकर हुई है। इसी के गुणांक में कर्मचारियों का बेसिक पे बढ़ेगा। छठे वेतन आयोग के दौरान आयोग ने 1.86 फिटमेंट फैक्टर तय किया था। सातवें वेतन आयोग ने 2.57 फिटमेंट फैक्टर रखा था। इस बार कर्मचारी संगठन इससे कहीं अधिक गुणांक की मांग कर रहे हैं। फिटमेंट फैक्टर जितना अधिक होगा बेसिक वेतन में उतनी ही बड़ी बढ़ोतरी होगी। आयोग इस मांग पर विचार कर रहा है। विभिन्न संगठनों ने अलग-अलग आंकड़े प्रस्तावित किए हैं। अंतिम फैसला रिपोर्ट में शामिल होगा।
4 फिटमेंट फैक्टर की मांग
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने 4 फिटमेंट फैक्टर रखने की मांग की है। अगर यह मांग मान ली जाती है तो लेवल 1 कर्मचारी का बेसिक पे 18000 रुपये से बढ़कर 72000 रुपये तक पहुंच जाएगा। नेशनल काउंसिल ऑफ ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। इस फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से बेसिक पे 69000 रुपये के स्तर पर पहुंच जाता है। महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गेनाइजेशन ने 3.8 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। इस हिसाब से कम से कम बेसिक पे 65000 रुपये होता है। संगठनों की ये मांगें कर्मचारियों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
लेवल 4 से 10 तक संभावित बेसिक पे
सातवें वेतन आयोग के हिसाब से लेवल 4 के कर्मचारियों को कम से कम 25500 रुपये के बेसिक पे मिल रहा है। अगर फिटमेंट 4 रखा गया तो इनका बेसिक पे 102000 रुपये हो जाएगा। लेवल 5 के कर्मचारियों का बेसिक पे 29200 रुपये से बढ़कर 116800 रुपये हो सकता है। लेवल 6 के कर्मचारियों का बेसिक पे 35400 रुपये से बढ़कर 141600 रुपये तक पहुंच सकता है। लेवल 7 और लेवल 10 के कर्मचारियों का बेसिक पे 4 फिटमेंट फैक्टर पर क्रमशः 179600 रुपये और 224400 रुपये हो जाएगा। ये आंकड़े कर्मचारियों के लिए आकर्षक हैं लेकिन अंतिम निर्णय आयोग का होगा।
3.833 फिटमेंट पर वेतन
अगर 3.833 फिटमेंट फैक्टर रखा गया तो लेवल 4 के कर्मचारियों का बेसिक पे 97742 रुपये और लेवल 5 के कर्मचारियों का बेसिक पे 111924 रुपये होगा। वहीं 3.80 के फिटमेंट फैक्टर पर लेवल 4 के कर्मचारियों का बेसिक पे 96900 रुपये हो जाएगा। विभिन्न संगठनों की मांगों में थोड़ा अंतर है लेकिन सभी उच्च गुणांक की वकालत कर रहे हैं। आयोग इन मांगों का विश्लेषण कर रहा है। वास्तविक फिटमेंट फैक्टर रिपोर्ट में तय होगा। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी बात सुनी जाएगी। वेतन वृद्धि से जीवन स्तर पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।
पेंशन और भत्तों का मुद्दा
फिटमेंट फैक्टर के अलावा पेंशन और भत्तों को लेकर भी चर्चा हुई है। पुरानी पेंशन योजना की बहाली या सुधार की मांग कई संगठनों ने रखी है। महंगाई भत्ता और अन्य भत्तों में संशोधन की बात भी उठी है। आयोग इन सभी मुद्दों पर हितधारकों से राय ले रहा है। बेंगलुरु बैठक में इन बिंदुओं पर विस्तार से बातचीत हुई। मुंबई बैठक में भी यही मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं। कर्मचारियों की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए पेंशन व्यवस्था महत्त्वपूर्ण है। आयोग संतुलित सिफारिशें तैयार करने का प्रयास कर रहा है।
रिपोर्ट की समय सीमा और आगे की प्रक्रिया
आठवें वेतन आयोग को मई 2027 तक अपनी रिपोर्ट जमा करनी है। जिसके बाद कैबिनेट उस रिपोर्ट पर फैसला करेगा। तब जाकर यह प्रभावी होगा। अभी तक 11 महीने का समय बीत चुका है और आयोग विभिन्न शहरों में बैठकें कर रहा है। बेंगलुरु के बाद मुंबई में 22 अक्टूबर से बैठक शुरू होगी। कर्मचारियों और पेंशनरों के संगठन अपनी मांगें जोरशोर से रख रहे हैं। अंतिम सिफारिशों में फिटमेंट फैक्टर भत्ते और पेंशन संबंधी प्रावधान शामिल होंगे। सरकार के निर्णय के बाद ही नया वेतनमान लागू होगा। पूरे प्रक्रिया पर कर्मचारियों की निगाहें टिकी हुई हैं।