भारतीय सेना के लिए साज-ओ-सामान खरीदने की प्रक्रिया धीमी है, जिसके कारण नई तकनीक को अपनाने में मुश्किलों को सामना करना पड़ता है। हालांकि, युद्ध के बदलते घटनाक्रमों के बीच सेना में जल्दी से बदलाव करने और सैनिकों को ट्रेनिंग देने की भी जरूरत है। यह सभी बातें भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने 'रायसीना डायलॉग' में कहीं।
दुनिया में सुरक्षा का माहौल अनिश्चित
जनरल चौहान ने यह सभी बातें 'वर्स एंड वॉर्स: नेविगेटिंग हाइब्रिड थिएटर्स' नामक कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि दुनिया में सुरक्षा का माहौल अनिश्चित है और तेजी से बदल रहा है। युद्ध में नई तकनीकों के साथ चलना बहुत जरूरी है।'
तेजी से बदलेंगी टेक्नोलॉजी: CDS
सीडीएस चौहान ने संसद की रक्षा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी को बताया था कि आने वाली तकनीक तेजी से बदलेंगी और उन्हें ग्रहण करने की जरूरत है। मॉर्डनाइजेशन के बजट को हम भांप नहीं कर सकते, लेकिन तकनीक में कौन से ट्रेंड चल रहे हैं, जो जंग और युद्ध कला में प्रभाव डालेंगे, ये हमें काफी हद तक पता चल जाता है।
बनाया गया है फ्यूचर वॉरफेयर फंड
सीडीएस चौहान ने बताया था कि IDS हेडक्वॉर्टर के तहत एक फ्यूचर वॉरफेयर फंड बनाया गया है। अब एक फ्यूचर एनालिसिस ग्रुप बनाने पर भी विचार चल रहा है। जनरल चौहान ने बताया कि यह ग्रुप स्टडी करेगा कि भविष्य में आने वाली टेक्नोलॉजी क्या हैं और उनका क्या प्रभाव हो सकता है।
Comments (0)