केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आठ मार्च से पूरे मणिपुर में मुक्त आवाजाही की अनुमति देने के निर्देश का पहले दिन ही कुकी बहुल इलाकों में हिंसात्मक विरोध प्रदर्शन हुआ। सुरक्षाबलों की कार्रवाई के विरोध में कुकी-जो समुदाय द्वारा हिंसा प्रभावित कांगपोकपी जिले में अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया गया। मणिपुर पुलिस ने बताया कि रविवार को कोई नई घटना तो सामने नहीं आई, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। फिलहाल फ्री मूवमेंट वाले कदम को रोक दिया गया है।
सोमवार को फिर होगा रिव्यू
सोमवार से तमाम प्रभावित इलाकों में कानून-व्यवस्था के लिहाज से रिव्यू किया जाएगा। कुकी और मैतेई दोनों समुदाय के लोगों से लगातार बातचीत भी की जा रही है। स्थिति को देखते हुए ही फ्री मूवमेंट वाले मामले में आगे निर्णय लिया जाएगा। मणिपुर पुलिस के एक वरिष्ठअधिकारी ने एनबीटी को बताया कि हिंसा और विरोध-प्रदर्शन वाले तमाम इलाकों में अतिरिक्त फोर्स बढ़ा दी गई है।
हिंसा के बीच सुरक्षाबलों पर फायरिंग
यही नहीं प्रदर्शनकारियोंने हिंसा का रास्ता अपनाते हुए सुरक्षाबलों पर फायरिंग तक कर दी, गुलेल का भी इस्तेमाल किया गया। शनिवार को स्थिति उस वक्त और खराब हुई, जब प्रदर्शनकारियों ने एक प्राइवेट गाड़ी में आग लगा दी और इंफाल से सेनापति जिले जा रही राज्य परिवहन की एक सरकारी बस को रोकने का प्रयास भी किया।
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