वित्त मंत्री अजित पवार ने वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया. बजट में कृषि, सड़क परियोजना, परिवहन, उद्योग, युवाओं और महिलाओं पर फोकस किया गया है. मुख्यमंत्री लाडकी बहन योजना के लिए अजित पवार 36 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. पहले यह बजट 23 हजार 232 करोड़ रुपये था.
1. सड़क निर्माण
2025-26 तक 1500 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य रखा गया है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-3 के अंतर्गत 5,670 करोड़ रुपये की लागत के 6,500 किलोमीटर लंबे कार्यों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 3,785 किलोमीटर लंबे काम पूरे हो चुके हैं.
2. ग्रोथ हब
मुंबई महानगर क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर के आर्थिक विकास केंद्र यानी ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने का फैसला किया गया है. सात स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय मानक व्यवसाय केंद्र बनाए जाएंगे - बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, कुर्ला-वर्ली, वडाला, गोरेगांव, नवी मुंबई, खारघर और विरार-बोईसर.
3. युवा
नई पीढ़ी को रोजगार के अवसर प्रदान करने और राज्य को इनोवेशन में अग्रणी बनाने के लिए नवी मुंबई में 250 एकड़ क्षेत्र में एक इनोवेशन सिटी स्थापित की जाएगी.
4. बंदरगाह
वर्ष 2025-26 के लिए बंदरगाह विभाग के लिए 484 करोड़ रुपये, लोक निर्माण-सड़क विभाग के लिए 19,936 करोड़ रुपये, परिवहन विभाग के लिए 3,610 करोड़ रुपये, शहरी विकास विभाग के लिए 10,629 करोड़ रुपये और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 11,480 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है.
5. कृषि
नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना का दूसरा चरण 21 जिलों के 7,210 गांवों में कार्यान्वित किया जा रहा है और वर्ष 2025-26 में इस परियोजना के लिए 351 करोड़ 42 लाख रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है. केंद्र सरकार के राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत अगले दो वर्षों के लिए 2 लाख 13 हजार 625 लाभार्थी किसानों को 255 करोड़ रुपये का फंड प्रदान किया जाएगा.
6. आवास
अगले पांच वर्षों में सभी के लिए आवास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य की नई आवास नीति जल्द ही घोषित की जाएगी. सरकार की ओर से दिए जाने वाले आवासों पर सोलर पैनल लगाया जाएगा. प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत अगले पांच वर्षों में 5 लाख घर बनाने का लक्ष्य है और इसके लिए 8,100 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध कराया जाएगा.
7. महिलाएं
मुख्यमंत्री लाडली बहन के लिए 36 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है जो कि पहले 23 हजार 232 करोड़ रुपये थे. चुनाव के दौरान महायुति ने 1500 रुपये की जगह 2100 रुपये प्रति महीने देने का वादा किया था.
8. जनजाति कल्याण
इस वर्ष जनजातीय विकास योजनाओं के लिए प्रावधान में पिछले वर्ष की तुलना में 40 प्रतिशत की वृद्धि की गई है. जनजातीय योजनाओं की तर्ज पर धनगर और गोवारी समुदायों के लिए कुल 22 कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं.
9. अल्पसंख्यक कल्याण
बौद्ध, जैन, सिख, पारसी, ईसाई, यहूदी और मुस्लिम समुदायों के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं और अल्पसंख्यक अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की गई है. इस संगठन के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी.
10. लड़कियों की शिक्षा
लड़कियों के व्यावसायिक शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए शिक्षा शुल्क और परीक्षा शुल्क का 100 प्रतिशत हिस्सा सरकार देगी. यह लाभ उन छात्राओं को दिया जाता है जो केंद्रीयकृत प्रवेश प्रक्रिया के जरिए मान्यता प्राप्त उच्च एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेती हैं और जिनके परिवार की आय 8 लाख रुपये प्रति वर्ष से कम है.
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