कलकत्ता उच्च न्यायालय के जस्टिस जॉयमाल्य बागची को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का जस्टिस नियुक्त किया गया। सुप्रीम कोर्ट कॉलिजियम ने उनका नाम 6 मार्च को भेजा था। केंद्र सरकार को कॉलिजियम ने जस्टिस बागची को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के तौर पर नियुक्त करने के लिए सिफारिश की थी।
6 साल से अधिक का कार्यकाल
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया के जरिय एक्स हैंडल से उनकी नियुक्ति के बारे घोषणा की है। जस्टिस बागची सुप्रीम कोर्ट में छह वर्ष से अधिक का कार्यकाल पूरा करेंगे। इस दौरान वे भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी कार्य करेंगे। 3 अक्टूबर, 1966 को जस्टिस बागची का जन्म हुआ था। जस्टिस बागची 2 अक्टूबर, 2031 को रिटायर होंगे और इससे पहले वह सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस भी बनेंगे।
2011 में कलकत्ता हाई कोर्ट में बने जज
जस्टिस बागची को 27 जून, 2011 को कलकत्ता उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। 4 जनवरी, 2021 को उनका तबादला आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में किया गया था।बाद में 8 नवंबर, 2021 को वे फिर से कलकत्ता उच्च न्यायालय में लौट आए और तब से वहीं कार्यरत हैं। जस्टिस बागची ने 13 वर्षों से अधिक हाई कोर्ट में सेवा दी है। जस्टिस बागची के शपथ लेने के बाद, सुप्रीम कोर्ट में कुल 33 जस्टिस हो जाएंगे, जबकि कुल सेंक्शन पद 34 हैं।
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